प्रेगनेंसी का दूसरा महीना कब से शुरू होता है?

सवाल : प्रेगनेंसी का दूसरा महीना कब से शुरू होकर कब ख़त्म होता है?

जवाब : प्रेगनेंसी का दूसरा महीना आपके आखरी बार हुए पीरियड के एक महीने बाद से शुरू होकर 30 दिन बाद तक ख़त्म होता है।

सवाल : प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में क्या होता है?

जवाब : प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में प्रेगनेंसी का पता चलता है। इसी महीने आपको पीरियड मिस होने पर प्रेगनेंसी का पता चलता है और इसी महीने प्रेगनेंसी के अन्य लक्षणों की शुरुआत होती है जैसे- वॉमिटिंग यानी वॉमिटिंग, चक्कर, मॉर्निंग सिकनेस आदि।

सवाल : प्रेगनेंसी के पांचवें सप्ताह में क्या होता है?

जवाब : प्रेगनेंसी के पांचवें सप्ताह में आपका शिशु एक संतरे के बीज के जितना बड़ा होता है। इस समय शिशु के हृदय और सर्कुलेटरी सिस्टम का विकास होता है। इस समय आपके शरीर में हार्मोनल बदलाव होने के कारण आपको घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट करने की ज़रूरत महसूस होगी।

सवाल : प्रेगनेंसी के छठे सप्ताह में क्या होता है?

जवाब : प्रेगनेंसी के छठे सप्ताह में शिशु एक मटर के आकार का होता है। इस समय भ्रूण का चेहरा आकार लेने लगता है।

सवाल : प्रेगनेंसी के सातवें सप्ताह में क्या होता है?

जवाब : प्रेगनेंसी के सातवें सप्ताह में भ्रूण एक ब्लूबेरी के आकार जितना हो जाता है। इस समय भ्रूण के मस्तिष्क का विकास होना शुरू हो जाता है। साथ ही महिलाओं के स्तनों में भी बदलाव आना शुरू हो जाता है।

सवाल : प्रेगनेंसी के आठवें सप्ताह में क्या होता है?

जवाब : आठवें सप्ताह में शिशु एक रास्पबेरी के आकार का होता है। इस समय भ्रूण गर्भ में घूमना शुरू कर देता है।

सवाल : प्रेगनेंसी की शुरुआत में क्या कब्ज़ की परेशानी होना सामान्य है?

जवाब : हार्मोनल बदलाव के कारण सिर्फ दूसरे महीने में ही नहीं, बल्कि पूरी प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज़ की समस्या आम बात है। लेकिन आपको कोशिश करनी चाहिए कि आप ख़ुद को इस समस्या से बचा कर रखें। इसके लिए अधिक से अधिक पानी पिएं। पूरा दिन लिक्विड डाइट लें। फाइबर युक्त भोजन करें और फल खाएं।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी के दूसरे महीने के दौरान मॉर्निंग सिकनेस, वॉमिटिंग और नौज़िया ना होना सही संकेत नहीं है?

जवाब : लगभग 75 प्रतिशत महिलाओं को प्रेगनेंसी के दूसरे महीने के दौरान मॉर्निंग सिकनेस, वॉमिटिंग और नौज़िया की तकलीफ होती है। यदि आप बाकी 25 प्रतिशत महिलाओं में से हैं, जिन्हें ये समस्या नहीं होती है, तो सच मानिए कि आप बहुत भाग्यशाली हैं। यदि ये समस्याएँ नहीं होती हैं, तो प्रेगनेंसी का समय बहुत आसानी से और अच्छा निकल जाता है। इसलिए अगर प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में आपको मॉर्निंग सिकनेस, वॉमिटिंग और नौज़िया नहीं होता, तो इससे बिल्कुल भी चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है।

सवाल : प्रेगनेंसी की शुरुआत में सिर-दर्द की समस्या कितनी सामान्य है?

जवाब : प्रेगनेंसी की शुरुआत में शरीर में एकदम से हार्मोनल बदलाव होते हैं। इन बदलावों के कारण सिर दर्द की समस्या होना सामान्य है। लेकिन आपको कोशिश करते रहना चाहिए कि आप इस समस्या को ना होने दें। इसके लिए सही समय पर भोजन, पूरा आराम और खुली हवा में थोड़ी देर सैर करना फायदेमंद है।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी की शुरुआत में सम्बन्ध बनाना उचित होता है?

जवाब : प्रेगनेंसी में सम्बन्ध बनाना बिल्कुल भी उचित नहीं होता है। ख़ास तौर पर पहली तिमाही में सम्बन्ध बनाने से शिशु के जीवन को ख़तरा रहता है।

सवाल : घर पर नमक के द्वारा प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे किया जाए?

जवाब : एक पारदर्शी गिलास या कंटेनर में सुबह का पहला यूरीन लें। उसमें तीन से चार बड़ी चम्मच नमक डाल दें और 10 मिनट के लिए रख दें। 10 मिनट बाद देखें। यदि यूरीन का रंग बदल जाता है, तो आप गर्भवती हैं और अगर रंग नहीं बदलता है तो आप गर्भवती नहीं हैं।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में पेट की सिकाई करना सही है?

जवाब : प्रेगनेंसी में आप अपने पेट और कमर की सिकाई कर सकती हैं। इसमें किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं है।

सवाल : प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में अधिक वॉमिटिंग या चक्कर महसूस होना क्या सामान्य है?

जवाब : वैसे तो पहली तिमाही में वॉमिटिंग और चक्कर आना सामान्य लक्षण हैं लेकिन जब ये बहुत अधिक होते हैं तो शरीर में पानी और नमक की कमी आ जाती है, जो कि शिशु के लिए अच्छा नहीं है।

सवाल : प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में पेट मुलायम रहता है या कठोर?

जवाब : शुरुआती दिनों में शायद आप पेट को कठोर महसूस करें। बदलते हार्मोन की वजह से ऐसा हो सकता है। फिर भी अलग-अलग शरीर की बनावट के अनुसार अलग-अलग संकेत होते हैं।

सवाल : क्या सिंकाई करने से गर्भ में मौजूद शिशु को ख़तरा हो सकता है?

जवाब : यदि आप पेट की सूजन या कमर दर्द से आराम के लिए सिंकाई करना चाहती हैं, तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है। सिंकाई करने से शरीर का तापमान नहीं बढ़ता है, इसलिए शिशु को कोई ख़तरा नहीं होता है। शिशु को ख़तरा तब होता है, जब आपके शरीर का तापमान बढ़ जाए।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी में गुनगुने पानी में स्नान करना उचित नहीं है?

जवाब : यदि आपको शरीर दर्द या फिर सूजन की परेशानी है, तो थोड़ी देर गुनगुने पानी का स्नान नुकसान नहीं पहुंचाएगा। लेकिन अधिक समय तक और बहुत गर्म पानी में स्नान करने से आपके शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जिससे शिशु को ख़तरा हो सकता है।

सवाल : प्रेगनेंसी की शुरुआत में होने वाली वॉमिटिंग और चक्कर से बचने के लिए क्या किया जाए?

जवाब : वैसे तो वॉमिटिंग और चक्कर आना प्रेगनेंसी के प्राकृतिक लक्षण हैं। लेकिन फिर भी उसे कम किया जा सकता है। इसके लिए ऐसे भोजन से बचें, जो एसिड बनाता हो। अपना ध्यान किसी और गतिविधि में बंटाएं। एक बार में बहुत थोड़ा भोजन करें और उसके पचने का इंतज़ार करें।

सवाल : घर पर बेकिंग सोडा से प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे किया जा सकता है?

जवाब : सुबह का पहला यूरिन एक बोतल में लेकर उसमें बेकिंग सोडा मिलाएं। उसको दस मिनट तक रख दें। यदि यूरिन का रंग बदल जाता है और उसमें झाग बन जाते हैं, इसका मतलब आप गर्भवती हैं।

सवाल : कैसे पता लगाएं कि पीरियड आने वाला है या प्रेगनेंसी हुई है?

जवाब : अर्ली प्रेगनेंसी में भी उसी तरह से क्रैम्पस होते हैं जैसे कि माहवारी के समय होते हैं। लेकिन ये क्रेम्प्स पेट और कमर के निचली तरफ होते हैं। इस तरह से आप प्रेगनेंसी और पीरियड में फर्क पता कर सकती हैं।

सवाल : क्या 5 सप्ताह की प्रेगनेंट होने के बावजूद नेगेटिव टेस्ट आ सकता है?

जवाब : जी हाँ। आपके पांच सप्ताह के प्रेगनेंट होने के बावजूद नेगेटिव HCG टेस्ट आ सकता है। इसीलिए प्रेगनेंसी के बाद थोड़ा भी संदेह होने पर प्रत्येक सप्ताह टेस्ट करवाएं।

सवाल : क्या HCG टेस्ट जुड़वाँ बच्चों का पता लगा सकता है?

जवाब : प्रेगनेंसी की शुरुआत में अधिक बढ़ा हुआ HCG जुड़वाँ बच्चे होने का प्रमाण नहीं होता है।

सवाल : क्या 6 सप्ताह की प्रेगनेंसी में जुड़वाँ बच्चों का पता चल सकता है?

जवाब : सोनोग्राफी (अल्ट्रासाउंड) ही एकमात्र ऐसा उपाय है जिसके द्वारा जुड़वाँ बच्चे होने का पता लगाया जा सकता है। अधिकतर जुड़वाँ बच्चों का पता 6 सप्ताह के बाद ही चलता है। इससे पहले टेस्ट करने पर एक बच्चा कई बार मिस हो जाता है।

सवाल : क्या जुड़वाँ में से एक बच्चा गर्भ में छिप सकता है? क्या ये संभव है कि अल्ट्रासाउंड में वो दिखाई ना दे?

जवाब : वैसे तो अल्ट्रासाउंड ही एकमात्र ऐसा जरिया है जिससे जुड़वाँ बच्चों का पता लगाया जा सकता है। बहुत कम केसों में ऐसा होता है कि डॉक्टर दो में से एक ही बच्चा देख पाते हैं, जब दूसरा भ्रूण बहुत ही छोटा होता है।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में अधिक भूख लगती है? यदि हाँ तो इसके क्या कारण हैं?

जवाब : प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में अधिक भूख लगती है, ये बात बिलकुल सही है। प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में महिलाओं को अत्यधिक वॉमिटिंग और नौज़िया की परेशानी होती है। इसके अलावा इसी समय में महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस की भी शिकायत रहती है। इन सभी परेशानियों के कारण शरीर में कैलोरीज बहुत कम हो जाती हैं, जिन्हें बैलेंस करने के लिए कुदरती तौर पर अधिक भूख लगती है।

सवाल : एक गर्भवती स्त्री का वजन कितना बढ़ना चाहिए?

जवाब : वैसे तो इसका सही जवाब आपके स्वास्थ्य सलाहकार ही दे सकते हैं, लेकिन सही मायनों में एक सामान्य वजन वाली महिला का वजन प्रेगनेंसी में 25 से 35 पौंड तक बढ़ना चाहिए। सामान्य से कम वजन वाली महिलाओं का वजन 28 से 40 पाउंड तक बढ़ना चाहिए और अधिक वजन वाली महिलाओं का वजन 15 से 25 पौंड तक बढ़ना चाहिए।

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जैसे-जैसे अलग होने वाले सेल के गोले किसी इंसानी शरीर का रूप ले रहे हैं, आपका बच्चा ब्लास्टोसिस्ट से ज़ाइगोट में बदल रहा है। उसी प्रकार, जैसे-जैसे आपका शरीर और दिमाग आपके माँ बनने की नई भूमिका को अपना रहे हैं, वैसे-वैसे आपको भी बदलाव महसूस हो रहे होंगे।

प्रेगनेंसी के नौवें सप्ताह में शिशु एक जैतून (ऑलिव) के आकार का होता है। इस समय शिशु की मांसपेशियों का विकास होना शुरू हो जाता है। ऐसे में महिलाओं को बहुत नींद आती है।

प्रेगनेंसी की दूसरी तिमाही में सिर-दर्द भी उन आम समस्याओं में से एक है, जो अक्सर महिलाओं को होती है। इस से निजात के लिए पूरी तरह से आराम लें। अधिक से अधिक पानी पिएं।

पांचवें महीने में आपको अपने पेट में गैस घूमती हुई सी महसूस होती है। इस महीने एसिडिटी, अधिक भूख लगना, स्तनों में बदलाव, कब्ज़, मसूड़ों से खून आना, सांस फूलना जैसे लक्षण आपको महसूस होते हैं।

प्रेगनेंसी के छठे महीने में शिशु बहुत विकसित हो जाता है। महिलाओं का पेट भी काफी बाहर की तरफ आ जाता है। महिलाओं का वजन भी बढ़ जाता है। छठे महीने में शिशु के मूवमेंट्स अधिक अच्छी तरह पता लगने लगते हैं।

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