महिलाएं कैसे जानें कि वो प्रेग्नेंट हैं?

सवाल : महिलाएं कैसे जानें कि वो गर्भवती हैं?

जवाब : कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी के बहुत स्पष्ट लक्षण महसूस होते हैं, जैसे सुबह के समय चक्कर आना, उल्टियाँ, जी मिचलाना, वजन बढ़ना और किसी भी प्रकार की गंध से परेशानी होनी। लेकिन कुछ महिलाओं को इस तरह के कोई लक्षण महसूस नहीं होते। इसके लिए सबसे पहला विश्वसनीय संकेत पीरियड का मिस होना होता है।

सवाल : किस दिन प्रेगनेंसी कन्फर्म की जा सकती है?

जवाब : यदि आपके पीरियड नियमित हैं, तब तो पीरियड मिस होने के पहले दिन ही आप टेस्ट के द्वारा प्रेगनेंसी का पता लगा सकती हैं।

सवाल : क्या पेट में अलसर होने के बावजूद भी प्रेगनेंट हो पाना संभव है?

जवाब : पेट में अलसर होने पर आपको अपनी अतिरिक्त देखभाल करनी पड़ सकती है, लेकिन अच्छी बात यह है कि अलसर के बावजूद आप प्रेगनेंट हो सकती हैं। हालांकि पेट में अलसर रहते प्रेगनेंसी प्लान करते समय अपने डॉक्टर की सलाह पर ही चलें।

सवाल : क्या प्रेग्नेंट होते ही पीरियड्स बंद हो जाते हैं?

जवाब : जी हाँ, गर्भधारण करते ही माहवारी बंद हो जाती है। शिशु को जन्म देने के बाद ही पीरियड फिर से शुरू होते हैं।

सवाल : क्या प्रेगनेंट होने के बाद माहवारी होती है?

जवाब : प्रेगनेंसी के बाद माहवारी होना अच्छा लक्षण नहीं है। प्रेगनेंट होने के बाद माहवारी नहीं होती है। प्रेगनेंसी के बाद सिर्फ गर्भपात की स्थिति में ही पीरियड होती है, जो कि एक अच्छा संकेत नहीं है। इससे बचने के लिए प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने पूरी तरह से आराम करें और पूरी तरह संतुलित और स्वस्थ आहार ग्रहण करें।

सवाल : प्रेगनेंसी में क्या-क्या खाने से गर्भपात का ख़तरा बढ़ जाता है?

जवाब : प्रेगनेंसी के दौरान इन खाद्य और पेय पदार्थों का कम से कम सेवन करना चाहिए या फिर बिल्कुल भी सेवन नहीं करना चाहिए-

  • कच्चा पपीता
  • चाय और कॉफ़ी
  • ड्रम-स्टिक
  • कार्बोहाइड्रेट बहुत कम (वैसे तो भारतीय भोजन कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है और उसमें प्रोटीन भी होता है,
  • लेकिन इसका बहुत अधिक इस्तेमाल करने से कोलेस्ट्रोल का लेवल बढ़ जाता है।)
  • रॉ डेयरी प्रोडक्ट
  • अनन्नास

सवाल : क्या लड़के के जन्म के पहले महिलाएं अधिक खाती हैं?

जवाब : कई शोधों से ऐसा पता चलता है कि जिन महिलाओं ने लड़कों को जन्म दिया, उन्होंने लड़कियों को जन्म देने वाली महिलाओं की अपेक्षा 10 प्रतिशत अधिक खाया और उनको अधिक भूख लगी। इसलिए ऐसा कहना ग़लत नहीं होगा कि लड़कियों की अपेक्षा लड़कों के जन्म से पहले महिलाओं को अधिक भूख लगती है। फिर भी भूख के आधार पर यह तय करना मुश्किल ही नहीं असंभव है कि होने वाली संतान लड़का है या लड़की।

सवाल : यदि प्रेगनेंसी में बहुत अधिक खाया जाए तो क्या होता है?

जवाब : कहा जाता है कि प्रेगनेंसी में दो लोगों के लिए खाना पड़ता है, लेकिन ये एक मिथक ही है। प्रेगनेंसी में अधिक खाने से ज्यादा ज़रूरी है सही और संतुलित आहार लेना। वैज्ञानिकों के अनुसार ज्यादा और अनहेल्दी फूड लेने से ना सिर्फ आपका वजन ज़रूरत से अधिक बढ़ सकता है, बल्कि शिशु को भी बहुत-सी बीमारियाँ, जैसे कम मानसिक क्षमता, शुगर और ओबेसिटी होने का ख़तरा रहता है।

सवाल : प्रेगनेंसी में अधिक जंक फ़ूड खाने से क्या होता है?

जवाब : प्रेगनेंसी में अधिक जंक फ़ूड खाने से होने वाले शिशु को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है, जिसकी वजह से उसको गर्भ में ही कई प्रकार की बीमारियाँ हो सकती हैं। सबसे अधिक ख़तरा शुगर और ओबेसिटी का होता है। इसलिए ये तय कर लें कि प्रेगनेंसी के पूरे समय में आप सिर्फ पौष्टिक और संतुलित आहार ही लेंगी।
सवाल 36: प्रेगनेंसी में महिलाओं को कितने घंटे की नींद ज़रूरी होती है?
जवाब : प्रेगनेंसी में शरीर में बदलाव के साथ ही महिलाओं का आराम करना मुश्किल होने लगता है। ऐसे में प्रेगनेंट महिलाओं को सलाह है कि रात को कम से कम 8 घंटे की नींद ज़रूर लें और दिन में कम से कम आधे से एक घंटे का आराम ज़रूर करें।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी के शुरुआती दौर में महिलाएं मूडी हो जाती हैं? यदि हाँ तो ऐसा क्यों?

जवाब : प्रेगनेंसी की शुरुआत होते ही महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव होने शुरू हो जाते हैं। जैसे-जैसे आपका शरीर प्रेगनेंसी के लिए तैयार होता चला जाता है, वैसे-वैसे ही आपके मूड में भी परिवर्तन आता चला जाता है। इसलिए प्रेगनेंसी की शुरुआत होने पर महिलाओं के मूड में परिवर्तन आना स्वाभाविक है। लेकिन कोशिश करें कि किसी भी परिस्थिति में ख़ुश रहें, क्योंकि आपके मूड का अच्छा और बुरा प्रभाव सीधा आपके शिशु पर पड़ेगा।

सवाल : प्रेगनेंसी के दौरान मन को शांत कैसे रखा जाए?

जवाब : प्रेगनेंसी के दौरान बहुत ज़रूरी है कि आप विचारों को अच्छा रखें और अपने मन को शांत रखें। इसके लिए आप किसी भी विचार के आने पर सिर्फ अपने शिशु के बारे में सोचें। क्योंकि इस दौरान आप जो भी करेंगी या सोचेंगी, उसका सीधा असर आपके शिशु की सेहत पर पड़ेगा। पूरी नींद लें। पर्याप्त आराम करें। अच्छी तरह खाएं। हल्का व्यायाम करें।

सवाल : सुन्दर बच्चे के लिए प्रेगनेंसी में क्या खाया जाए?

जवाब : सुन्दर शिशु के लिए प्रेगनेंसी की शुरुआत से ही नियमित रूप से सेब और अनार खाएं। विटामिन सी से युक्त सब्जी और फल का सेवन रोज़ाना करें। नियमित रूप से दो बार दूध पियें। हल्का व्यायाम करें और ताज़ी हवा में थोड़ी देर सांस लें। वैसे तो शिशु की खूबसूरती काफी हद तक माता-पिता के जींस पर निर्भर करती है, लेकिन फिर भी यदि सही ढंग से देखभाल की जाए, तो आपके शिशु का रूप-रंग आपसे बेहतर हो सकता है।

सवाल: क्या प्रेगनेंसी में वजन उठाने से गर्भपात की सम्भावना होती है?

जवाब : नियमित रूप से हर दिन बहुत अधिक भार उठाने से गर्भपात की सम्भावना रहती है। लेकिन यदि आप थोड़ा-बहुत भार उठाएंगी तो इसमें कोई नुकसान नहीं है।

सवाल : प्रेगनेंसी के फर्स्ट ट्राइमेस्टर में एक्टिव कैसे रहा जा सकता है?

जवाब : प्रेगनेंसी में एक्टिव रहना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है। अपनी दिनचर्या में ऐसे काम शामिल करें जिन्हें करने में आपको आनंद आता है। अपनी दोस्तों के साथ सैर पर जाएं या फिर उनके साथ दिन में थोड़ा समय बिताएं। घर के काम करने के साथ अपनी पसंद के गाने सुनें। ध्यान रखें कि आप गर्भवती हैं, बीमार नहीं।

सवाल : प्रेगनेंसी में फूड क्रेविंग को कैसे कंट्रोल किया जाए?

जवाब : सबसे पहले तो ये निर्णय कर लें कि आप थोड़ी भी भूखी नहीं रहेंगी। दो-दो घंटों के अंतराल पर कुछ हेल्दी खाती रहें। मीठे से परहेज़ करें। क्योंकि यदि आप मीठा नियमित तौर पर खाएंगी, तो उससे आपको रोज़ाना मीठा खाने का मन होगा। आपको रोज़ उसकी क्रेविंग होगी। हमेशा आहार में प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम, आयरन और पोटेशियम शामिल करें। ऐसा करने से आपको जल्दी-जल्दी भूख नहीं लगेगी और आपको कुछ अनहेल्दी खाने की इच्छा भी नहीं होगी।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी में दही खाना अच्छा रहता है?

जवाब : प्रेगनेंसी के दौरान भ्रूण के विकास के लिए अतिरिक्त प्रोटीन और कैल्शियम को अपने आहार में शामिल करना पड़ता है। डेयरी सामग्रियां, ख़ास तौर पर दही प्रेगनेंट महिलाओं के लिए बहुत अच्छा होता है। दही आपकी कैल्शियम और प्रोटीन की ज़रूरत को पूरा करता है। साथ ही इसमें प्रोबायोटिक मौजूद होने से प्रेगनेंसी में किसी भी प्रकार की परेशानी ना होने में मदद पहुंचती है।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी में बासी भोजन ग्रहण कर सकते हैं?

जवाब : प्रेगनेंट महिलाओं के लिए सलाह है कि वो हमेशा ताज़ा भोजन ही करें। लेकिन सुबह का बना हुआ भोजन यदि सही से रेफ्रिजरेट हुआ है, तो शाम तक खाना अनुचित नहीं है। 24 घंटों से अधिक पहले बना हुआ भोजन ग्रहण न करें।

सवाल : प्रेगनेंसी के पहले महीने में क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब : प्रेगनेंसी की शुरुआत में ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार का गर्म तासीर वाला भोजन ना ग्रहण करें। यदि सर्दियों का मौसम भी चल रहा है, तब भी अदरक का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। क्योंकि प्रेगनेंसी की शुरुआत में गर्म तासीर का भोजन करने से भ्रूण को ख़तरा हो सकता है। इससे मिसकैरिज भी हो सकता है।

सवाल : प्रेगनेंसी की शुरुआत में क्या सभी महिलाओं को व्हाइट डिस्चार्ज होता है?

जवाब : महिलाओं को व्हाइट डिस्चार्ज प्रेगनेंसी के पहले सप्ताह से ही शुरू हो जाता है। उसके बाद लगभग पूरे समय तक यह डिस्चार्ज प्रायः सभी महिलाओं को होता है। इसकी वजह से महिलाएं वेजाइनल इन्फेक्शन से बची रहती हैं।

सवाल : प्रेगनेंसी के शुरुआती संकेत थकान का अहसास कब से होने लगता है?

जवाब : प्रेगनेंसी के चौथे सप्ताह की शुरुआत से ही थकान का अनुभव होना शुरू हो जाता है। आपको हर समय अहसास होगा कि बस आप आराम ही करें।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी की शुरुआत में थोड़ी बहुत ब्लीडिंग और स्पॉट्स सामान्य हैं?

जवाब : प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में थोड़ी बहुत ब्लीडिंग और स्पॉट्स एकदम सामान्य है। वैसे तो इसमें किसी भी प्रकार का कोई भी ख़तरा नहीं होता है, लेकिन अगर ब्लीडिंग बहुत अधिक हो तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएँ।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी की शुरुआत में रोना स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है?

जवाब : प्रेगनेंसी की शुरुआत में अचानक से होने वाले शारीरिक और मानसिक बदलाव के कारण कुछ महिलाएं अक्सर रोती हैं। लेकिन आप ध्यान रखें कि अधिक रोना आपकी और आपके शिशु की सेहत के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है। क्योंकि जैसा आप महसूस करेंगी, आपका शिशु भी वैसा ही महसूस करेगा।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी में गुस्सा आना सामान्य है?

जवाब : प्रेगनेंसी में अक्सर महिलाओं में गुस्सा देखने को मिलता है। थोड़ा-बहुत गुस्सा करना सामान्य है। लेकिन हर समय गुस्से में रहना किसी भी हालत में अच्छा नहीं है। आप इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि प्रेगनेंसी के इन नौ महीनों में आप जैसा महसूस करेंगी और जैसी सोच रखेंगी, आपके शिशु का व्यक्तित्व और सोच भी वैसी ही बनेगी। इसलिए कोशिश करें कि विचार अच्छे हों और क्रोध से दूर रहें।

इससे पहले के सवाल पढ़ने के लिए यहां जायें :-  प्रेगनेंसी का पहला महीना कब से शुरू होकर कब खत्म होता है?

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प्रेगनेंसी का पहला महीना दरसल गर्भधारण करने से भी पहले शुरू होता है। गर्भधारण करने से पहले जो अंतिम पीरियड का पहला दिन होता है, तभी से पहला महीना शुरू होता है और अगले महीने की उसी तारीख तक वो महीना ख़त्म होता है।

गनेंसी के पांचवें सप्ताह में आपका शिशु एक संतरे के बीज के जितना बड़ा होता है। इस समय शिशु के हृदय और सर्कुलेटरी सिस्टम का विकास होता है। इस समय आपके शरीर में हार्मोनल बदलाव होने के कारण आपको घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट करने की ज़रूरत महसूस होगी।

प्रेगनेंसी में अधिक जंक फ़ूड खाने से होने वाले शिशु को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है, जिसकी वजह से उसको गर्भ में ही कई प्रकार की बीमारियाँ हो सकती हैं। सबसे अधिक ख़तरा शुगर और ओबेसिटी का होता है।

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