जुड़वा गर्भावस्था में ध्यान देने वाली बातें

बच्चा परिवार में असीमित खुशियाँ लेकर आता है। ऐसे में अगर आपको जुड़वा बच्चे होने होने की खबर मिले तो खुशियाँ ओर उत्साह दोगुनी ही हो जाती है!

इस उत्साह के बीच ध्यान देने वाली बात है की जुड़वा गर्भावस्था के लिए कुछ अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता हो सकती है। यह कुछ ऐसी चुनौतियों के साथ आ सकती है, जो आमतौर पर किसी और गर्भावस्था में नहीं आती। इसलिए अतिरिक्त देखभाल के साथ अपनी डॉक्टर की भी सभी बातें ध्यान से सुने और माने।

जननम की सलाह : जुड़वा गर्भावस्था मे इन बातों का ख्याल रखें

1.  अपने डाइट का ध्यान रखें

  • जब आप जुड़वा बच्चों को जन्म देने वाली होती हैं, आपके शरीर को लगने वाली कैलोरी की मात्रा काफी बढ़ जाती है। अपने डॉक्टर से अपनी नई कैलोरी आवश्यकताओं के बारे में पूछें, और उनकी सलाहनुसार अपने आहार में वृद्धि करें।
  • सही दर से वजन बढ़ाएँ। जुड़वाँ बच्चों की गर्भावस्था में ध्यान ना देने पर आवश्यकता से अधिक वज़न बढ़ सकता हैं। अपने वजन को नियंत्रित रूप से बढ़ाने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह ले।
  • फल, हरी सब्जियाँ, और अनाज अधिक मात्रा में लें; अंडे, बादाम, दूध और दही जैसे प्राकृतिक तत्वों से प्रोटीन लें, जंक फूड से दूर रहें और अधिक मात्रा मे पानी पीएं।
judava garbhaavastha mein dhyaan dene vaalee baaten
judava garbhaavastha mein dhyaan dene vaalee baaten

2.  अपने स्वास्थ्य की जांच करवाती रहें

  • जुड़वाँ गर्भावस्था में स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं अधिक हो सकती हैं इसलिए नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच करवाते रहना अति आवश्यक है।
  • डॉक्टर द्वारा बताई गयी दवाएं सही समय पर लेती रहे।
  • आयरन की कमी से होने वाली बीमारी - अनिमिया - गर्भावस्था में काफी पाई जाती है। जुड़वाँ बच्चों वाली गर्भवस्था में इस समस्या का खतरा और भी बढ़ जाता है, इसलिए इसे सही मात्रा में लेना आवश्यक है। इसके प्रति सचेत रहें और आयरन युक्त भोजन लें। यह प्राकृतिक स्त्रोतों जैसे हरी सब्जियाँ और अंडे इत्यादि में उपलब्ध है; इसके अलावा डॉक्टर की सलाह से आयरन की गोलियां भी ली जा सकती हैं।

3.  किसी भी प्रकार की जटिलता पर अपनी नजर बनाए रखें

  • जुड़वा गर्भावस्था में समयपूर्व प्रसव होने की सम्भावना अधिक होती हैं इसलिए समय से पहले होने वाले लेबर के लक्षणों को पहचाने जैसे रक्त्स्त्राव या योनि से डिस्चार्ज होना। ऐसे मे तुरंत अपनी डॉक्टर से मिले।
  • अपने ब्लड प्रैशरपर भी नजर बनाए रखे और अधिक उतार-चढाव होने पर डॉक्टर की सलाह लें।
  • कोई भी अलग और अजीब बात जैसे अचानक वजन बढ़ना, सिर मे दर्द, आदि पर नजर रखें और तुरंत अपने डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।
judava garbhaavastha mein dhyaan dene vaalee baaten

4.   व्यायाम और शारीरिक अभ्यास से खुद को स्वस्थ रखें

आपके वज़न को सही तरह बढ़ने के लिए अच्छे पोषण के साथ-साथ शारीरिक अभ्यास की भी आवश्यकता होती हैं। गर्भावस्था में किसी नए व्यायाम की शुरुआत करने की सलाह नहीं दी जाती। इसलिए, अपनी डॉक्टर की सलाह अनुसार थोड़ा टहलना और हल्की-फुल्की शारीरिक गतिविधियों में शामिल होना बेहतर होता है।

जुड़वाँ गर्भावस्था भी आम गर्भावस्था की तरह ही होती है। पर इसमें आपको गर्भ में पल रहे दो-दो बच्चों का ध्यान रखना होता है इसलिए सावधानियाँ भी अधिक बरतनी होती हैं। तो तनाव को छोड़िये और सही पोषण और देखभाल के साथ इस अवधि का आनंद लीजिये!

सारांश : जुड़वां गर्भावस्था एक सुंदर अनुभव है क्योंकि आप स्वागत करते हैं - एक नहीं – बल्कि आपके जीवन में खुशियों के दो बंडल का। हालांकि इस दौरान स्वस्थ जुड़वां गर्भावस्था सुनिश्चित करने के लिए आपके वजन को देखने, सही मात्रा और कैलोरी में खानपान जैसी कुछ अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता हो सकती है जिससे किसी भी होने वाली जटिलताओं से बचा जा सके।

Summary : Twin pregnancy is a beautiful experience as you await to welcome - not one - but two bundles of joy in your life! However, some extra care may also be needed during this time like watching your weight, consuming the right amount and type calories and keeping an eye for any possibility of a complication to ensure a healthy twin pregnancy.

आज ही जननम फेसबुक कम्युनिटी को ज्वाइन करें जहां हमारे एक्सपर्ट्स प्रेगनेंसी के हर पहलू पर टिप्स दे रहे हैं -यहाँ क्लिक करें

जननम आपको सही, सटीक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हमेशा आपके साथ हैं। लेकिन इसी के साथ आपको डॉक्टर से सलाह लेना भी ज़रूरी है।

 


Other articles related to this

घी - यह एक ऐसा खाद्य है, जिससे शायद ही कोई भारतीय वाकिफ ना होगा। आमतौर पर सभी भारतीय घरों में प्रयोग...

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना पड़ता है। इस अवस्था में उन्हें सेहत से जु...

भारत में सड़क किनारे, चटकारे लेते हुए चाट और पानी-पूरी खाना किशोरी से लेकर हर उम्र की महिला की पहली प...

भारतीय भोजन में रोटी प्रमुख भोजन होता है और इसके माध्यम से आप प्रेग्नेंसी में उपयुक्त पोषण ले सकतीं ...

सामान्य तौर पर गर्भवती महिला को प्रतिदिन चलते-फिरते रहना चाहिए, जिससे डिलीवरी नार्मल रहे। पर कभी-कभी...

गर्भावस्था के नौ महीने काफी अहम होते हैं। इस दौरान आपको हर दिन अतिरिक्त कैलोरी के साथ ही साथ ज्यादा ...

Other articles related to this

घी - यह एक ऐसा खाद्य है, जिससे शायद ही कोई भारतीय वाकिफ ना होगा। आमतौर पर सभी भारतीय घरों में प्रयोग में लाये जाने वाला घी भोजन के स्वाद को बढ़ाने के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी लाभकारी है

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना पड़ता है। इस अवस्था में उन्हें सेहत से जुड़ी कई तरह की समस्याएं हो जाती है। ऐसे में उन्हें रोजाना दूध पीने और पोष्टिक आहार लेने की सलाह दी जाती है। डिलीवरी के

भारत में सड़क किनारे, चटकारे लेते हुए चाट और पानी-पूरी खाना किशोरी से लेकर हर उम्र की महिला की पहली पसंद होती है। लेकिन गर्भावस्था में चाट या पानी पुरी की यह पसंदगी थोड़ी मुश्किल में आ जाती है । उस समय मन कहता है खा लें लेकिन

भारतीय भोजन में रोटी प्रमुख भोजन होता है और इसके माध्यम से आप प्रेग्नेंसी में उपयुक्त पोषण ले सकतीं हैं। रोटी के लिए गेहूं के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के आटे उपलब्ध हैं जिन्हें आप अपने आहार में शामिल कर सकतीं हैं।

सामान्य तौर पर गर्भवती महिला को प्रतिदिन चलते-फिरते रहना चाहिए, जिससे डिलीवरी नार्मल रहे। पर कभी-कभी, स्वास्थ्य संबंधी कारणों की वजह से गर्भवती महिलाओं को

गर्भावस्था के नौ महीने काफी अहम होते हैं। इस दौरान आपको हर दिन अतिरिक्त कैलोरी के साथ ही साथ ज्यादा पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। ऐसे में महिलाएं हमेशा पसोपेश में रहती हैं कि वो क्या खाएं और क्या ना खाएं? तो हम आपको बताते हैं

जननम कम्युनिटी से जुड़ने के फायदे!

Join the #1 global parenting resource and start receiving the following helpful newsletter:

Join the community now!

Fill the following & enjoy perks!

Due Date or child's birthday