गुड़ के फायदे और उपयोग

कुछ समय पहले तक घर में होने वाली किसी भी खुशी को मनाने के लिए गुड़ से मुँह मीठा करने की प्रथा थी। यही गुड़ आज भी बहुत से घरों में खाने के बाद मुखवास के तौर पर खाया जाता है। लेकिन क्या आप जानतीं हैं कि गर्भावस्था में भी गुड़ खाने के अनेक फायदे हैं और इसे आप तरह-तरह से डेजर्ट के रूप में खा सकतीं हैं। जननम आपको गुड़ के फायदे और उपयोग कि जानकारी देते हैं।

जननम से जानिये : गर्भावस्था  में गुड़ के लाभ:

गुड़का मूल स्त्रोत गन्ना होता है जिसमें विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व व मिनरल्स अच्छीमात्रा में होते हैं। इसी प्रकार गुड़ में कैल्शियम, आयरन और एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्राभी पायी जाती है जिसके कारण यह गर्भवती स्त्रियों के लिए बहुत लाभकारी होता है। यह कम कैलोरी देना वाला पदार्थ है। इसके 10 ग्राम में केवल 38 कैलोरी ही मिलती है। गर्भकाल के सातवेंमहीने से गुड़ का सेवन करने से महिला को निम्न लाभ हो सकते हैं 

1. रक्तचाप नियंत्रण:

गुड़ में पाया जाने वाला सोडियम गर्भवती स्त्री का ब्लडप्रेशर नियंत्रित रखता है।

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2. रेड सेल्स:

गुड़ को खाने से गर्भवती के शरीर में रेड सेल्स की संख्या बढ़ जाती है और शरीर में रक्त की कमी नहीं हो पाती है। इसके अतिरिक्त गुड़ के सेवन से रक्त भी साफ रहता है और इससे किसी प्रकार के इन्फेक्षन होने की संभावना भी कम हो जाती है।

3. सूजन से मुक्ति:

गर्भावस्था में आमतौर पर पानी की कमी होने से शरीर में सूजन आ जाती है। गुड़ खाने से इसमें मौजूद पोटेशियम शरीर में पानी के संतुलन को बनाये रखता है और सूजन नहीं हो पाती है।

4. फोलेट :

गर्भवती स्त्री के लिए फोलिक एसिड बहुत ज़रूरी होता है। गुड़ में मौजूद फोलिक एसिड भ्रूण के विकास में योगदान देता है।

5. हड्डियाँ व जोड़ मजबूत:

गुड़ के सेवन से शरीर में कैल्शियम की कमी नहीं होती है जिससे गर्भवती की न केवल हड्डियाँ मजबूत रहती हैं बल्कि जोड़ों का दर्द भी नहीं होता है।

गुड़ कैसे खाएं:

गुड़खाने के लिए आप विभिन्न प्रकार की चीजें बना सकतीं हैं। आपकी मदद के लिए कुछ रेसिपी हम देरहे हैं:

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1. मीठी रोटी :

गेहूँ के आटे में गुड़ की चाशनी मिला कर मीठी रोटी बना कर आप नाश्ते या खाने में खा सकतीं हैं।

2. तिल के लड्डू:

सफ़ेद तिल, मूँगफली और गुड़ के लड्डू आपके लिए हल्के नाश्ते में खा सकतीं हैं।

3. गुड़ के चावल:

गुड़ से बने मीठे चावल खाने में लेकर आप मीठा खाने की इच्छा पूरी कर सकतीं हैं।

4. गुड़ मुरमुरे:

सादे मुरमुरे और गुड़ की चाशनी से बने लड्डू गर्भवती कभी भी खा कर एनर्जी ले सकती हैं।

5. मूँगफली की गज़क:

गुड-मूँगफली की गज़क हमेशा से ताकत और स्वाद का कारण रही है।

इसकेअलावा आप कुछ भी मीठा बनाने के लिए सफ़ेद चीनी की जगह गुड़ की चाशनी का उपयोग कर सकतींहैं। लेकिन इसबात का ध्यान रखें कि किसी भी चीज़ की अधिकता नुकसानदायक हो सकती है।

Summary: Jaggery has conventionally been used as a sweetener in Indian cuisine. It is also full of calcium, minerals, antioxidants, folic acids and iron. All these nutrients are considered healthy for a pregnant woman. It is for this reason that the consumption of jaggery during pregnancy is highly recommended.

सारांश: भारतीय व्यंजनों में गुड़ का उपयोग पारंपरिक रूप से एक स्वीटनर के रूप में किया गया है। यह कैल्शियम, खनिज, एंटीऑक्सिडेंट, फोलिक एसिड और आयरन से भी भरा हुआ है। गर्भवती महिला के लिए ये सभी पोषक तत्व स्वस्थ माने जाते हैं। यह इस कारण से है कि गर्भावस्था के दौरान गुड़ का सेवन अत्यधिक अनुशंसित है।

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