गर्भावस्था में यात्रा - क्या सावधानियां बरतें?

गर्भावस्था एक लम्बा समय होता है। जहाँ एक तरफ इस दौरान आपको अपना बहुत ध्यान रखना पड़ता है, वहीं दूसरी तरफ अपनी रोज़मर्रा की कई जिम्मेदारियों को भी निभाना होता है। इन्हीं जिम्मेदारियों के चलते कभी-कभी आपको यात्रा भी करनी पड़ती है।

हालाँकि, अगर आपको किसी प्रकार की मेडिकल परेशानी न हो तो गर्भावस्था के दौरान यात्रा करना पूरी तरह से सुरक्षित होता है। पर फिर भी, जब आप गर्भावस्था के दौरान यात्रा कर रहीं है, तो आपको कुछ अतिरिक्त योजना बनाने और कुछ अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

जननम की सलाह : गर्भावस्था के दौरान यात्रा में यह सावधानियाँ बरतें

डॉक्टर से सलाह

आपको किसी भी प्रकार की लम्बी यात्रा (शहर के बहार ले जाने वाली) करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह लेनी चाहिए।

गर्भावस्था की समय अवधि को ध्यान में रखें

आपकी गर्भावस्था अपने समय चरण के अनुसार अलग-अलग प्रकार की सावधानियों की मांग करती है। गर्भावस्था के पहले महीने के दौरान ली जाने वाली सावधानियां, गर्भावस्था के सातवें महीने में ली जाने वाली सावधानियों से अलग हो सकती हैं। तो आप अपने डॉक्टर से उसी के अनुसार सलाह लें।

गर्भावस्था में यात्रा की चेकलिस्ट

  • अपनी सभी दवाइयां और मेडिकल रिपोर्टें अपने साथ ही रखें
  • अपनी सीट बेल्ट को हमेशा पेट के नीचे ही बांधें
  • लंबी यात्रा के दौरान समय-समय पर पानी पिएँ
  • मतली से बचने के लिए स्वस्थ स्नैक्स खाएँ
  • पीठ दर्द से बचने के लिए सीट और अपनी पीठ के बीच एक कुशन या एक छोटा तकिया रखें
  • तंग कपड़ों पहनने से बचें
garbhaavastha mein yaatra   kya saavadhaaniyaan baraten

यह कुछ बहुत ही बुनियादी बातें हैं जिनका धयान आपको हर छोटी-बड़ी यत्र लेने से पहले रखना हैं। किन्तु अगर यात्रा लम्बी होने वाली हैं, तो अपनी तिमाही और यात्रा के माध्यम के हिसाब से आपको ख़ास सावधानियाँ भी बरतनी हैं। जननम से जुड़े रहिये, और इन ख़ास जानकारियों के बारे में विस्तार से जानिए। जननम आपकी सुरक्षित यात्रा की आशा करता हैं। 

Summary : If your pregnancy is healthy, travelling during pregnancy shouldn’t be a problem. However, we suggest that you take some basic precautions even on the shortest of the journeys. And if you’re planning a long one, learn more about the special precautions to be taken before embarking on the journey.

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गर्भावस्था महिलाओं के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। इस समय में हर महिला स्वयं से ज़्यादा अपने होने वाले शिशु के हित के विषय में सोचती है, क्योंकि इस समय का हर एक क्षण शिशु के आने वाले जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसीलिए गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि वो विशेष प्रकार से अपना ध्यान रखें और हर प्रकार से सुरक्षित रहें।

प्रेगनेंसी का पहला महीना दरसल गर्भधारण करने से भी पहले शुरू होता है। गर्भधारण करने से पहले जो अंतिम पीरियड का पहला दिन होता है, तभी से पहला महीना शुरू होता है और अगले महीने की उसी तारीख तक वो महीना ख़त्म होता है।

गनेंसी के पांचवें सप्ताह में आपका शिशु एक संतरे के बीज के जितना बड़ा होता है। इस समय शिशु के हृदय और सर्कुलेटरी सिस्टम का विकास होता है। इस समय आपके शरीर में हार्मोनल बदलाव होने के कारण आपको घर पर प्रेगनेंसी टेस्ट करने की ज़रूरत महसूस होगी।

प्रेगनेंसी में अधिक जंक फ़ूड खाने से होने वाले शिशु को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता है, जिसकी वजह से उसको गर्भ में ही कई प्रकार की बीमारियाँ हो सकती हैं। सबसे अधिक ख़तरा शुगर और ओबेसिटी का होता है।

प्रेगनेंसी के नौवें सप्ताह में शिशु एक जैतून (ऑलिव) के आकार का होता है। इस समय शिशु की मांसपेशियों का विकास होना शुरू हो जाता है। ऐसे में महिलाओं को बहुत नींद आती है।

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