गर्भावस्था में कब्ज दूर करने के उपाय

गर्भ-काल जहां एक तरफ आने वाली खुशियों का खूबसूरत एहसास लाता है, वहीं महिलाओं के लिए विभिन्न प्रकार के अनुभव और असुविधा भी ले आता है। ऐसी ही एक असुविधा है, कब्ज़। प्रायः हर गर्भवती महिला को कभी-न-कभी इस अनुभव से गुजरना ही होता है। सामान्य तौर पर गर्भावस्था के तीसरे और चौथे माह में कब्ज़ की मस्या अधिक हो जाती है।

जननम से जानिये : गर्भावस्था में कब्ज दूर करने के उपाय

हाई-फाइबरभोजन

गर्भावस्था में फाइबरयुक्त भोजन अवश्य करें। फल- जैसे संतरा, केला, सेब; सलाद की सब्ज़ियां जैसे - गाजर, मूली, पत्ता- गोभी, आलू; और दलिया,इन सभी खानों में फाइबर की मात्रा अधिक होती है जो भोजन को अच्छीतरह से पचा कर मलत्याग में सहायता करता है।

जल ही जीवन है

गर्भवती महिला को नियमित रूप से पानी पीना चाहिए।शरीर में पानी की कमी को रोकने के लिए न केवल पानी बल्कि कोई भी तरल पदार्थ जैसे सब्जी/दाल का सूप, फलों काजूस, इत्यादि भी लिया जा सकता है। 

नियमित व्यायाम

गर्भावस्था में आपको सुरक्षित रहते हुए और चिकित्सक की सलाह के अनुसार हल्के-फुल्के व्यायाम भी नियमितरूप से करने चाहिए। निरंतर एक्टिव रहने से मांसपेशियाँ नरम रहतीं हैं और भोजन सरलता से पच जाता है।

थोड़ा-थोड़ाखाएं

गर्भ काल में हर थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाने की इच्छा हो जाती है। इस इच्छा की पूर्ति के लिए ज़रूरी है की आप थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ पौष्टिक खाती रहें।

प्रोबिओटिक्स

प्रोबाओटिक्स वो लाभकारी बैक्टीरिया होते हैं जो स्वास्थय के लिए लाभकारी होते हैं। गर्भ काल में प्रोबीओटिक्स बहुत लाभकारी होते हैं। इनको अपने भोजन में शामिल करने से खाया हुआभोजन सरलता से पच जाता है। घर का बना हुआ दही इसके लिए सर्वोत्तम आहार माना जाताहै।

गुलकंद का सेवन:

ताजे देसी गुलाब से घर का बना गुलकंद भी गर्भकालमें कब्ज दूर करने के लिए लिया जा सकता है। गुलाब की पत्तियों में मेटाबोलिज़्मयानि खाना पचने की प्रक्रिया को तेज करने वाले गुण होते है। इसे खाने के बाद दिनमें दो बार एक चम्मच लेने से कब्ज में आराम मिल सकता है। घर में गुलकंद बनाने केलिए जो शहद का इस्तेमाल होता है उससे दिन भर ऊर्जा भी मिलती है।

जननम के तुरंत टिप्स:

  1. किशमिश को भिगो कर उसका पानी पिएँ
  2. सिट्रिक (खट्टे) फल ज़रूर खाएं
  3. नारियल तेल को भोजन में शामिल करें
  4. सेंधे नमक का प्रयोग करें
garbhaavastha mein kabj door karane ke upaay

कभी कभी गर्भावस्था में कब्ज़ की तकलीफ़ ज़्यादा बढ़ जाती है। लेकिन जननम की सलाह है की उसको दूर करने के लिए जुलाब या लेटिक्स का प्रयोग, बिना डॉक्टर की सलाह के न करें, और जितना हो सके घरेलू नुस्खों से यह तकलीफ़ दूर करने की कोशिश करें। 

Summary: Constipation is a common problem in pregnancy, which can be treated with home remedies. The effect of constipation can be substantially reduced by consuming more water and fiber foods.

सारांश : गर्भावस्था में कब्ज एक आम समस्या है जिसका उपचार घरेलू उपचार से किया जा सकता है। पानी और रेशेदार खाद्य पदार्थों के अधिक सेवन से कब्ज के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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