गर्भावस्था में बवासीर से बचाव और उपचार कैसे करें?

गर्भावस्था  में बवासीर के लक्षण व घरेलू उपाय, बचाव और उपचार । बवासीर एक ऐसी परेशानी है जिससे प्रभावित व्यक्ति का उठना-बैठना बहुत तकलीफ़देह हो जाता है। यह परेशानी अगर गर्भवती महिला को होती है तब तो उसकी तकलीफ़ का अंदाज़ा लगाना लगभग असंभव है। ऐसे में वह हर समय यही सोच सकती है कि किस प्रकार इस तकलीफ़ से जल्द से जल्द उपचार करे और आगे क्या करें जिससे यह दोबारा न हो। जननम आपकी इस परेशानी को समझते हुए गर्भावस्था में बवासीर होने पर क्या उपचार किए जा सकते हैं और इन्हें रोकने का क्या उपाय हो सकता है, विस्तार से बताते हैं

जानिए गर्भावस्था में बवासीर के कारण

जननम से जानिए : गर्भावस्था में बवासीर के लक्षण व घरेलू उपाय, बचाव और उपचार :

गर्भकाल की दूसरी तिमाही में होने वाली एक आम बीमारी होती है बवासीर का होना। गर्भवती के जब गूदे में कुछ नर्म गांठें हो जातीं हैं तो इन्हें आम भाषा में बवासीर कहते हैं। इनके होने पर बैठने में तकलीफ़ के अलावा मलत्याग में कठिनाई और खून आने जैसे लक्षण मुख्य रूप से होते हैं।  गर्भावस्था में बवासीर का इलाज़ इस तकलीफ से बचने के लिए गर्भवती को फाइबर युक्त भोजन और अधिकतम पानी व तरल पेय लेने के अलावा निम्न सलाह भी दी जाती है:

 

1.जब भी आपको मलत्याग की इच्छा हो, उसे बाद के लिए न टालें। ऐसा न करने पर मलाशय में मल के इकट्ठा व शुष्क होने की संभावना होती है।

2.यदि मल शुष्क हो गया है और आपको त्याग करने में कठिनाई हो रही है तो जबर्दस्ती न करें। आप इसके लिए अधिक मात्रा में पानी पीकर या फाइबर युक्त आहार लेकर मल को नरम करने का प्रयास करें।

गर्भावस्था में बवासीर से बचाव और उपचार कैसे करें
गर्भावस्था में बवासीर से बचाव और उपचार कैसे करें

3.अगर आप पश्चमी शौचालय इस्तेमाल करतीं हैं तो गर्भावस्था में मल त्याग करने के लिए अपने पाँव के नीचे कोई छोटा स्टूल रख लें। इससे आप ऊंकडू बैठने की स्थिति में आ जाएगी (जैसे देसी शौचालय में बैठते हैं) और मलत्याग करने में आसानी होगी। इससे गूदे पर भी अधिक दबाव नहीं पड़ेगा।

4.अगर आपको लगता है कि मलत्याग में परेशानी होगी तब योनि और गूदे के बीच की जगह को उंगली से हल्के हाथ से दबा कर थोड़ा उत्तेजित कर दें। इससे गूदे में उत्तेजना से मलत्याग में आसानी होती है।

5.गर्भावस्था में स्वयं को कब्ज़ से बचाएं।

गर्भावस्था में बवासीर का उपचार :

गर्भवती महिला बवासीर होने पर निम्न उपायों से स्वयं को ठीक करने का प्रयास कर सकतीं हैं:

  1. गुदा क्षेत्र को बर्फ के पानी में भीगे कपड़े से साफ करने से बवासीर की तकलीफ में आराम आता है।
  2. मलत्याग के बाद गीले टिश्यू या नरम कपड़े से सफाई करें।
  3. नहाने के समय अपनी उंगली से बवासीर की गांठों को गुदा के अंदर करने का प्रयास करें।
  4. सोते समय करवट से सोएँ ।
  5. मलत्याग करने के बाद उंगली से गुदा के अंदर तक सफाई करें जिससे बवासीर को ठीक होने में आसानी हो और वह अधिक विकराल रूप न ले।

गर्भावस्था में बवासीर की परेशानी अधिकतर महिलाओं को हो जाती है। इसलिए कोशिश करें की आप गतिशील जीवनशैली के साथ अपने गर्भकाल का समय आनंद के साथ व्यतीत करें।

सारांश : गर्भावस्था के दौरान बवासीर गर्भवती महिला के लिए विशेष रूप से दूसरी तिमाही में एक बहुत दर्दनाक स्थिति है। इसके इलाज और इससे बचने के लिए यह सलाह दी जाती है कि शरीर को हाइड्रेट करें, सक्रिय जीवनशैली रखें और विशेष रूप से श्रोणि क्षेत्र में और शरीर के गुदा क्षेत्र में उचित स्वच्छता बनाए रखें।

Summary: During pregnancy, hemorrhoids have a very painful condition especially for the pregnant woman in the second quarter. To cure it and to avoid it, it is advisable to hydrate the body, to maintain an active lifestyle, and to maintain proper cleanliness in the pelvic region and in the anal area of the body.

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