गर्भावस्था फूड गाइड

गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार ही एक नन्हीं जिंदगी को स्वस्थ जीवन दे सकता है। लेकिन ये भी सच है कि गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में कई बदलाव होते हैं ऐसे में कभी कुछ खाने की इच्छा होती है तो कभी भूख ही नहीं लगती। हम आपको आपकी डाइट से संबंधित कुछ नियम बताने जा रहे हैं जो आपको और होने वाले बच्चे को पूरा पोषण दे सकेंगे....

इन जरूरी नियमों का करें पालन

  1. बाज़ार में मौजूद पैक्ड फूड या यूं कहें रेडी टू ईट फूड्स से करें परहेज़
  2. कोशिश करें कि आपके आहार में कुदरत के प्राकृतिक रंगों का समावेश हो।
  3. बाज़ार की मिठाई ना खाकर घर पर ही नट्स से स्नैक्स तैयार करके रखें और उनका सेवन करें।
  4. सफेद आटा यानी मैदे से बनी चीज़ों से बनाएं दूरी। मल्टीग्रेन आटे का करें इस्तेमाल
  5. सुबह का नाश्ता कभी ना छोड़ें

ये तो थे वो नियम जिन्हें आपको पूरे गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद भी फॉलो करना है अब हम आपको बताते हैं कुछ ऐसी डिशेज़ जो जल्दी से बन जाती है और जो आपके लिए काफी हेल्दी भी हैं।

ब्रोकोली और बेबी कॉर्न स्टिर-फ्राई

सामग्री

  • ब्रोकोली - 3/4 कप
  • बेबी कॉर्न – 1/3 कप
  • शिमला मिर्च - 1/3 कप
  • प्याज़ - 1/3 कप
  • फ्रेंच बीन्स - 2 बड़े चम्मच
  • काजू - 8 टूटे हुए
  • लहसुन - 1 छोटा चम्मच बारीक कटा हुआ
  • मकई का आटा - 1 बड़ा चम्मच
  • चीना – ½ टी स्पून
  • काली मिर्च पाउडर - ½ टी स्पून
  • तेल - 2 बड़े चम्मच
  • नमक स्वादानुसार


  • गर्भावस्था फूड गाइड


बनाने की विधि

  1. सबसे पहले तेज आंच पर एक कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें लहसुन डाल दें। लहसुन को करीब एक मिनट तक हिलाते हुए पकाएं।
  2. अब बची हुई सब्जियों को भी कड़ाहीं में डालें और हिलाते रहें।
  3. इसके बाद एक कप पानी में कॉर्न फ्लोर मिलाएं और सब्जियों में डाल दें।
  4. फिर मसाला डालें और एक मिनट तक पकाएं। अब काजू से इसे गार्निश करें और गरमागरम परोसें।

ब्रोकोली और बेबी कॉर्न स्टिर-फ्राई को खाने के फायदे

  1. ब्रोकली को सबसे ज्यादा पौष्टिक सब्जियों में गिना जाता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन ई और विटामिन सी भरपूर मात्रा में होते हैं।
  2. ब्रोकली खून की कमी को भी दूर करती है। साथ ही हड्डियों को भी मजूत बनाती है।
  3. ब्रोकली में आयरन और फॉलिक एसिड भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं। जो गर्भ में पल रहे बच्चे और मां दोनों के लिए काफी ज़रूरी होते हैं।
  4. इसके अलावा कब्ज़, बीपी, और डायबिटीज़ को भी नियंत्रित करने में मदद करती है।

टिप्स प्रेग्नेंसी के दौरान आप ब्रोकली का सूप भी पी सकती हैं। इस सूप में आप और भी कई सब्जियों जैसे गाजर, मटर, पालक, चकुंदर आदि को भी शामिल कर सकती हैं।

केला-अखरोट पेनकेक्स

ये भी एक झटपट बनने वाला स्नैक है जिसे आसानी से घर पर बनाया जा सकत है और ये प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए काफी फायदेमंद भी होता है।

गर्भावस्था फूड गाइड


सामग्री

  • केले की प्यूरी - ¼ कप
  • अखरोट - 1/2 कप बारीक कटे हुए
  • गेहूं का आटा - 1 कप
  • गेहूं का चोकर - 2 बड़े चम्मच
  • दूध - 1/2 कप
  • कैस्टर शुगर - 4 बड़े चम्मच
  • वनीला एसेंस - 1/2 चम्मच
  • बेकिंग पाउडर - 1/2 चम्मच
  • मक्खन - 4 बड़े चम्मच

बनाने की विधि -

  1. ऊपर दी गई पूरी सामग्री को एक कटोरे में अच्छी तरह से मिलाएं
  2. फिर इसमें आधा कप पानी डालें और अच्छी तरह मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें।
  3. इसके बाद मध्यम आंच पर एक फ्राइंग पैन में मक्खन डालें। मक्खन के पिघल जाने के बाद पैन में तैयर मिश्रण को डाल दें। अब इस मिश्रण को समान रूप से पैन में फैला दें। इसे गोल्डन ब्राउन होने तक दोनों तरफ से पकाएं।
  4. पैन केक तैयार है। आप इसे केले के स्लाइस और शहद के साथ भी सर्व कर सकती हैं।

फायदे

  1. गर्भावस्था के दौरान केले का सेवन करने से बच्चे का विकास सही तरीके से होता है।
  2. केले में भरपूर मात्रा में मैग्नीशियम होता है जो पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है।
  3. केला खाने से महिला को अपच जैसी कोई समस्या नहीं होती है।
  4. केले के सेवन से हीमोग्लोबिन भी बढ़ता है, जो गर्भवती महिला और उसके बच्चे के लिए फायदेमंद होता है।
  5. वहींअखरोट में पोटेशियम, सेलेनियम, कैल्शियम, मैंगनीज, कॉपर, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं जो बच्चे के दिमाग के विकास में मदद करते हैं। साथ ही महिला को ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।

सारांश : गर्भावस्था में बहुत भ्रम होता है, क्या खाएं, क्या नहीं खाएं। गर्भवती महिलाओं को अपने आहार को लेकर हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है। इसलिए इस लेख में बताई गई ये युक्तियां और पुनरावृत्ति आपके लिए वास्तव में सहायक हैं और यह आपको और अजन्में बच्चे को कई खाद्य जनित बीमारियों से बचाएगा।

Summary: There is much confusion in pregnancy, what to eat, do not eat. Pregnant women always need to be alert about their diet. Therefore these tips and repetitions described in this article are really helpful for you and it will save you and the unborn child from many foodborne illnesses

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यह भी देखें : -

गर्भावस्था में पोषण के स्रोत एवं आहार

गर्भावस्था के दौरान कैसा होना चाहिए आहार?


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