गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?

यूँ तो गर्भावस्था का हर एक पल बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, पर शुरुआती तीन महीने (first trimester of pregnancy) सबसे ज्यादा नाज़ुक होते हैं। यह ही वह समय है जब भ्रूण तेजी से विकसित हो रहा होता है और भ्रूण के उचित शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

जननम की सलाह : गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में लें ये सावधानियाँ

  • अनपॉस्चरीकृत दूध का सेवन ना करें। कच्चे दूध में लिस्टिरिया नाम का एक बैक्टीरिया पाया जाता है जिससे कई प्रकार की बीमारियों और गर्भपात का जोखिम हो सकता है।
  • सौना और हॉट बाथ से बचें क्योंकि उच्च तापमान इस समय बच्चे के उचित विकास के लिए ठीक नहीं है। इस समय शरीर के तापमान को 102 डिग्री से अधिक तक बढ़ना शिशु के विकास के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
  • कच्चे फल और सब्ज़ियां अच्छी तरह धोने के बाद ही खाएं क्योंकि कभी-कभी जिस मिटटी में यह बोए जाते हैं उसमें ऐसे कीटाणु होते हैं जो लिस्टिरिओसिस और टोक्सोप्लास्मोसिस को बढ़ावा देकर कई खतरनाक बीमारियों को उत्पन्न कर सकता है।
  • हर्बल सप्लीमेंट्स और दर्द-निवारक (पेनकिलर्स) दवाइयाँ ना लें।पहली तिमाही में इन दवाओं के सेवन से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। गर्भावस्था में कोई भी दवा या सुप्प्लिमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर ले लें। 
  • अपने आने वाले शिशु की तैयारी के लिए उसके कमरे को पहली तिमाही में पेंट ना करवाएं, या अगर पेंटिंग का काम हो रहा हो तोह उससे दूर रहें। क्योकि पेंट में बहुत से हानिकारक और जहरीले रसायन होते हैं, जो सांस के साथ शरीर में प्रवेश करके भ्रूण के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
  • इसके साथ-साथ किसी भी प्रकार के मादक द्रव्यों, अलकोहल, ध्रूमपान और कैफीन का सेवन बिलकुल ना करें, क्योंकि ये सब चीजें एक शिशु में खराब समन्वय, खराब स्मृति, ध्यान लगाने में कठिनाई, सीखने की अक्षमता, भाषण और भाषा में देरी, कम आईक्यू, और खराब तर्क जैसी परेशानियों को जन्म देते हैं। 

 

  • व्यायाम आपके और आपके बच्चे, दोनो के शारीरिक स्वस्थ्य के लिए अच्छा है। किन्तु इस समय अधिक कठिन या कूद-फांद वाले व्यायाम से दूर रहना चाहिए। आपको कैसे व्यायाम करने चाहिए और दिन में कितनी बार करने चाहिए इसकी सही जानकारी आपके गर्भ की स्तिथी को देकते हुए, आपकी डॉक्टर ही आपको बता सकती है।
  • पहली तिमाही में आप सेक्स का आनंद भी ले सकती हैं। लेकिन अगर आपकी गर्भावस्था हाई-रिस्क है (high-risk pregnancy) तो सम्भोग करने के लिए आप और आपके पति पहले अपने डॉक्टर की अनुमति ले लें। सामान्य गर्भावस्था में भी अगर सम्भोग के समय आपको परेशानी या विशेष असुविधा हो रही हो तो अपने पति को ज़रूर बताये और इस बारे में डॉक्टर की सलाह लें।

गर्भावस्था के पहले महीने में लिए जाने वाली सावधानियों को नजरंदाज करने से गर्भपात और जन्म दोष से लेकर शारीरिक और मानसिक विकास तक की परेशानियां हो सकती हैं। जननम की सलाह है की आप अपने डॉक्टर और अनुभवी लोगों के परामर्श को गंभीरता से लें और इस समय किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरतें। हमें भी आपके जीवन में आने वाली नन्ही ख़ुशी का बेसब्री से इंतज़ार हैं।  

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जननम आपको सही, सटीक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध करने के लिए हमेशा आपके साथ हैं। लेकिन इसी के साथ आपको डॉक्टर से सलाह लेना भी ज़रूरी है।


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