मेनोपॉज के बाद भी प्रेग्नेंट होना संभव है?

सवाल : क्या मेनोपॉज के बाद भी प्रेगनेंट होना संभव है?

जवाब : मेनोपॉज की दो स्थितियां होती हैं, पेरि मेनोपॉज और पोस्ट मेनोपॉज। पेरि मेनोपॉज में ओव्यूलेशन संभव है, इसलिए पेरि मेनोपॉज में महिलाएं प्रेगनेंट हो सकती हैं। लेकिन पोस्ट मेनोपॉज में कुदरती रूप से प्रेगनेंट हो पाना संभव नहीं है। इसके लिए IVF उपचार की मदद लेनी पड़ती है।

सवाल : रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद किस प्रकार से प्रेगनेंट हुआ जा सकता है?

जवाब : पोस्ट मेनोपॉज की स्थिति में आपके हार्मोन बदलने लगते हैं और अंडाशय (ओवरी) में अंडाणु का रिलीज़ होना बंद हो जाता है। इस स्थिति में प्राकृतिक रूप से प्रेगनेंट होना संभव नहीं है। यदि आप रजोनिवृत्ति के बाद गर्भधारण करना चाहती हैं, तो आपको कृत्रिम प्रक्रिया जैसे IVF का सहारा लेना पड़ेगा।

सवाल : क्या नियमित पीरियड प्रेगनेंसी की क्षमता या फर्टिलिटी का इंडिकेटर है?

जवाब : शोधकर्ताओं के अनुसार नियमित पीरियड फर्टिलिटी का इंडिकेटर नहीं है। लगभग एक तिहाई महिलाएं जिनको नियमित रूप से पीरियड होता है, अंडाणुहीन भी हो सकती हैं।

सवाल : क्या पीरियड के तीन दिन के बाद भी प्रेगनेंट होना संभव है?

जवाब : किसी भी समय असुरक्षित संबंध से प्रेगनेंसी संभव है। कई मामलों में देखा गया है कि महिलाएं पीरियड के 72 घंटे बाद भी फर्टाइल हो सकती हैं। हालांकि इसका चांस कम रहता है, क्योंकि महिलाएं पीरियड के 10 से 15 दिन के बीच अधिक फर्टाइल होती हैं और कंसीव करने के लिए पीरियड के 8वें दिन से 18वें दिन के बीच संबंध बनाना सबसे बेहतर होता है।

सवाल : क्या ओव्यूलेशन पेन महिलाओं में फर्टिलिटी का इंडिकेटर है?

जवाब : जो महिलाएं ओव्यूलेशन पेन का अनुभव करती हैं, वो आसानी से कंसीव करने में सक्षम होती हैं। ओव्यूलेशन पेन निश्चित तौर पर फर्टाइल होने का एक बहुत बड़ा इंडिकेटर है।

सवाल : अंडोत्सर्जन पीड़ा (ओव्यूलेशन पेन) को कैसे पहचानें?

जवाब : महिलाओं को ओव्यूलेशन पेन का अहसास पेट के निचले हिस्से में एक तरफ चुभन या हल्के दर्द के रूप में होता है। ज़रूरी नहीं कि हर बार एक ही तरफ दर्द महसूस हो। महीने दर महीने दर्द की दिशा बदल सकती है। यह दर्द कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक रह सकता है।

सवाल : फेलोपियन ट्यूब किसे कहते हैं और कंसीव करने में इसका क्या महत्व है?

जवाब- फेलोपियन ट्यूब उस नली को कहते हैं, जो महिला के अंडाणुओं को अंडाशय (ओवरी) से गर्भाशय (यूटरस) तक ले जाती है। आम तौर पर इसकी संख्या दो होती है। प्राकृतिक रूप से कंसीव करने के लिए इनका क्लियर होना अनिवार्य है। इनके ब्लॉक होने की स्थिति में आपके पार्टनर का स्पर्म आपके अंडाणु में प्रवेश नहीं कर पाता है, जिससे प्राकृतिक रूप से कंसीव करना संभव नहीं रह जाता।

सवाल : क्या अदरक फेलोपियन ट्यूब को खोलने में सहायक हो सकता है?

जवाब : ऐसा मिथक है कि प्रतिदिन अदरक को घिसकर उसका रस लेने से या फिर अदरक की चाय पीने से बंद फेलोपियन ट्यूब खुल सकती है, लेकिन इस बात में सच्चाई नहीं है। अदरक में घाव के टिशु को भरने की क्षमता ज़रूर होती है, लेकिन इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि वो फेलोपियन ट्यूब को खोलने में भी सहायक हो सकता है।

सवाल : क्या विटामिन सी फेलोपियन ट्यूब को खोलने में सहायक होता है?

जवाब : यदि आपकी फेलोपियन ट्यूब किसी प्रकार के इन्फेक्शन की वजह से ब्लॉक हो गई है, तो निश्चित तौर पर विटामिन सी उस ब्लॉकेज को खोलने की क्षमता रखता है।

सवाल : ब्लॉक फेलोपियन ट्यूब होने के क्या लक्षण हैं?

जवाब :

  • सहवास के समय दर्द
  • यूरीन पास करते समय दर्द
  • पेट के निचले हिस्से में अत्यधिक दर्द
  • कमर के निचले हिस्से में अत्यधिक दर्द
  • अत्यधिक पीरियड
  • चक्कर आना

सवाल : क्या फेलोपियन ट्यूब के ब्लॉक होने के बाद भी ओव्यूलेशन होता है?

जवाब : यदि आपकी फेलोपियन ट्यूब ब्लॉक हैं, तो नियमित रूप से ओव्यूलेशन होने पर भी आपके अंडाणु गर्भाशय में नहीं जा पाते हैं और आपके पार्टनर का स्पर्म आपके अंडाणु में प्रवेश नहीं कर पाता है। इस स्थिति में IVF ट्रीटमेंट ही एकमात्र उपचार रह जाता है।

सवाल : फेलोपियन ट्यूब के ब्लॉकेज को कैसे निकाला जा सकता है?

जवाब : यदि आपकी फेलोपियन ट्यूब में मामूली ब्लॉकेज है, तो सर्जन लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के द्वारा वो ब्लॉकेज दूर कर देते हैं। यदि फेलोपियन ट्यूब पूरी तरह से ब्लॉक हैं, तब किसी भी प्रकार से उस ब्लॉकेज को नहीं निकाला जा सकता है।

सवाल : क्या एक फेलोपियन ट्यूब के ब्लॉक होने पर भी प्रेगनेंट होना संभव है?

जवाब : यदि दो में से एक फेलोपियन ट्यूब ब्लॉक हो और एक ब्लॉक नहीं हो, तो अंडाणु अनब्लॉक ट्यूब के माध्यम से गर्भाशय तक पहुंच सकते हैं और ऐसी स्थिति में प्रेगनेंसी संभव हो सकती है। यदि दोनों ट्यूब ब्लॉक हों, तो अंडाणु गर्भाशय तक नहीं पहुंच सकते, इसलिए ऐसी स्थिति में प्राकृतिक रूप से प्रेगनेंसी संभव नहीं है। यदि ट्यूब मामूली रूप से ब्लॉक हैं, उस स्थिति में ट्यूबल प्रेगनेंसी का ख़तरा बढ़ जाता है। ऐसे में शिशु गर्भाशय में ना होकर फेलोपियन ट्यूब में ही रह जाता है और विकसित नहीं हो पाता है।

सवाल : क्या फेलोपियन ट्यूब के बिना भी प्राकृतिक रूप से प्रेगनेंसी संभव है?

जवाब : फेलोपियन ट्यूब के बिना प्राकृतिक रूप से प्रेगनेंसी असंभव है। ऐसे में सिर्फ कृत्रिम इलाज जैसे IVF के द्वारा ही प्रेगनेंसी संभव हो सकती है।

सवाल : मैं प्रेगनेंट हो सकती हूं, इसका पता कैसे लगाऊं?

जवाब : प्रेगनेंट होने के लिए आपके अंडाशय को हर महीने एक अंडाणु रिलीज़ करना पड़ता है, जिसको ओव्यूलेशन कहते हैं। ओव्युलेशन को देखने के लिए आपको एक यूरिन टेस्ट करवाने की ज़रूरत पड़ती है। अगर इस टेस्ट से पता चलता है कि आपका ल्यूटीनाइज़िन्ग हार्मोन (एलएच) बढ़ा हुआ है, तो इसका मतलब है कि ओव्यूलेशन हो रहा है। यानी आप प्रेगनेंट हो सकती हैं।

सवाल: प्रेगनेंसी के लिए अपने शरीर को कैसे तैयार किया जाए?

जवाब : अपने शरीर को प्रेगनेंसी के लिए तैयार करने के लिए कुछ टिप्स-

  • बर्थ कंट्रोल का इस्तेमाल बंद कर दें।
  • अपने आहार को नियंत्रित करें। मसालेदार और गर्म तासीर वाली चीज़ें न खाएं। जंक फूड न खाएं। अधिक चाय या
  • कॉफी न पिएं। अपने भोजन में से कार्बोहाइड्रेट की मात्रा घटा दें। हेल्दी फूड लें। एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। फाइबर युक्त आहार लें। शरीर से अतिरिक्त चर्बी घटाने की कोशिश करें। अधिक मात्रा में प्रोटीन ग्रहण करें।
  • मल्टीविटामिन प्रतिदिन लें।
  • फॉलिक एसिड रोज़ाना लें।
  • एक्सरसाइज को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
  • पूरी नींद लें।
  • तनाव से दूर रहें। प्रसन्न रहें।
  • अच्छा और प्रेरक साहित्य पढें।

सवाल : क्या प्रेगनेंसी से पहले फॉलिक एसिड और कैल्शियम लेने की शुरुआत कर देनी चाहिए?

जवाब : प्रेगनेंसी की शुरुआत होने से पहले फॉलिक एसिड लेने की शुरुआत करना अच्छा रहता है। कैल्शियम की टेबलेट ना लेते हुए यदि आप दूध, दही या पनीर के रूप में कैल्शियम लेंगी, तो बेहतर रहेगा। अपने भोजन में ही सभी प्रकार के विटामिन और प्रोटीन शामिल करने की कोशिश करें, ताकि आपको अलग से सप्लीमेंट लेने की ज़रूरत ना पड़े।

यह भी पढ़ें : -

आज ही जननम फेसबुक कम्युनिटी को ज्वाइन करें जहाँ\हमारे एक्सपर्ट्स प्रेगनेंसी के हर पहलु पर टिप्स दे रहे है - यहाँ क्लिक करें  जननम आपको सही, सटीक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हमेशा आपके साथ हैं, लेकिन इसी के साथ आपको डॉक्टर से सलाह लेना भी ज़रूरी है।


Other articles related to this

डार्क चॉकलेट हारमोंस को नियंत्रित करके अंडाणुओं एवं शुक्राणुओं को विकसित करते हैं, बशर्ते कि चॉकलेट ...

यदि प्रेगनेंसी के विषय में सोच रही हैं, तो किसी भी प्रकार का नशा ना करें। गर्म तासीर वाले खाद्य पदार...

पीरियड के बिना भी प्रेगनेंट होना संभव है। कुछ महिलाओं को नियमित रूप से पीरियड नहीं आते हैं, इसके बाव...

अगर आप एक स्वस्थ गर्भावस्था का आश्वासन चाहती हैं तो गर्भावस्था में होने वाली देखभाल में सही टीकाकरण ...

आधुनिकता के प्रभाव में आजकल युवतियाँ 35 वर्ष कि आयु के बाद माँ बनने का निर्णय लेने लगी हैं। अनुष्का ...

जेनेटिक काउंसलिंग यानि अनुवांशिक परामर्श व्यक्तियों, परिवारों या जोड़ों को स्वास्थ्य सम्बन्धी जटिलता...

Other articles related to this

डार्क चॉकलेट हारमोंस को नियंत्रित करके अंडाणुओं एवं शुक्राणुओं को विकसित करते हैं, बशर्ते कि चॉकलेट में 70 प्रतिशत कोको हो। लेकिन चॉकलेट का अधिक सेवन आपके दांतों को खराब कर सकता है।

यदि प्रेगनेंसी के विषय में सोच रही हैं, तो किसी भी प्रकार का नशा ना करें। गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। अत्यधिक चाय और कॉफ़ी न पिएं। जंक फूड न लें। अपने वजन को नियंत्रण में रखें।

पीरियड के बिना भी प्रेगनेंट होना संभव है। कुछ महिलाओं को नियमित रूप से पीरियड नहीं आते हैं, इसके बावजूद उनमें अण्डोत्सर्ग (ओव्यूलेशन) होता है। ऐसे में बहुत समय तक पीरियड ना होने के बावजूद भी प्रेगनेंट होना संभव है।

अगर आप एक स्वस्थ गर्भावस्था का आश्वासन चाहती हैं तो गर्भावस्था में होने वाली देखभाल में सही टीकाकरण भी शामिल करें। यह आपको गर्भावस्था के दौरान कई प्रकार के संक्रमणों से प्रतिरक्षा प्रदान करके गर्भ के अंदर पल रहे शिशु की अच्छी सेहत और उचित विकास को सुनिश्चित करता है।

आधुनिकता के प्रभाव में आजकल युवतियाँ 35 वर्ष कि आयु के बाद माँ बनने का निर्णय लेने लगी हैं। अनुष्का शंकर, मंदिरा बेदी, फराह खान आदि वो महिलाएं हैं, जो इस निर्णय पर अटल रहीं हैं।

जेनेटिक काउंसलिंग यानि अनुवांशिक परामर्श व्यक्तियों, परिवारों या जोड़ों को स्वास्थ्य सम्बन्धी जटिलताओं के विषय में निर्णय लेने में सक्षम बनाने की एक प्रक्रिया है। यह अनुवांशिक या वंशानुगत विकारों और भविष्य की पीढ़ियों को

जननम कम्युनिटी से जुड़ने के फायदे!

Join the #1 global parenting resource and start receiving the following helpful newsletter:

Join the community now!

Fill the following & enjoy perks!

Due Date or child's birthday