इन घरेलू तरीकों से करें अपने तैलीय बालों की देखभाल

वसंत ऋतु के आते ही जहाँ पेड़ों पर नए फूल और पत्तियों का आगमन होता है, वहीं सर्दियों की मुश्किलों से भी निजात मिलती है। वैसे तो इस मौसम में बालों को किसी विशेष देखभाल की आवश्यक्ता नहीं होती है, फिर भी यदि मौसम के अनुसार देखभाल करने से आपके बालों की उम्र बढ़ जाती है। यदि बात की जाए तैलीय बालों की तो इस मौसम में इस प्रकार के बालों को तेल का संतुलन बनाए रखने की ज़रुरत होती है। जानिए वसंत के मौसम में तैलीय बालों की देखभाल घरेलू तरीकों से कैसे करें?

इस लेख में आप पढ़ेंगे :-

इन घरेलू तरीकों से करें अपने तैलीय बालों की देखभाल

बालों की त्वचा की देखभाल

तैलीय बालों की त्वचा की देखभाल करने के लिए ज़रूरी है कि आप सप्ताह में कम से कम एक बार तेल मालिश अवश्य करें। वैसे तो तैलीय बालों में ख़ुद ही कुदरती तेल रहता है, लेकिन मालिश करने से बालों को ज़रूरी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं। मालिश के लिए एक चम्मच रोगन बादाम शीरीन, एक चम्मच नारियल तेल, एक चम्मच एलोवेरा जेल और एक चौथाई चम्मच हल्दी मिलाकर जड़ों में थोड़ा-थोड़ा लगाकर मालिश करें। बचे हुए तेल को अतिरिक्त बालों में अच्छी तरह से लगा लें। सप्ताह में एक बार इस मिश्रण से मालिश अवश्य करें।

इन घरेलू तरीकों से करें अपने तैलीय बालों की देखभाल

बालों की सफाई

तैलीय बालों की सफाई रखनी बहुत ज़रूरी होती है, क्योंकि चिपचिपापन होने के कारण ऐसे बालों में गन्दगी बहुत जल्दी चिपक जाती है। जिससे बालों के झड़ने की समस्या हो जाती है। इसके लिए आवश्यक है कि आप सप्ताह में कम से कम तीन बार अपने बालों को धोएं। बालों को धोने के लिए 100 ग्राम रीठा, 100 ग्राम शिकाकाई और 100 ग्राम आँवला को रात को भिगो कर रख दें। सुबह को कुकर उपयुक्त पानी डालकर 3 सीटी आने तक पकाएं। ठंडा होने पर मिश्रण को मिक्सी में पीस लें। इस मिश्रण को बोतल में स्टोर करके रखें और सप्ताह में तीन बार शैम्पू की जगह इसका इस्तेमाल बालों को धोने के लिए करें।

इन घरेलू तरीकों से करें अपने तैलीय बालों की देखभाल

बालों की कंडीशनिंग

बालों की कंडीशनिंग भी उतनी ही ज़रूरी है जितनी कि बालों की सफाई। तैलीय बालों की कंडीशनिंग के लिए आधा कप एलोवेरा जेल, मैश किया हुआ आधा केला और एक चम्मच शहद डालकर अच्छी तरह से मिला लें। इस मिश्रण को बालों में जड़ों से सिरे तक लगाकर 30 मिनट तक रखें। बाद में सिर को सामान्य पानी से धो लें।

जननम कहे हां

  • सप्ताह में कम से कम तीन बार बालों को धोना
  • सप्ताह में एक बार बालों की कंडीशनिंग
  • सप्ताह में एक बार तेल मालिश

जननम कहे ना

  • बालों को धोने के लिए साबुन का इस्तेमाल
  • बालों में किसी भी प्रकार का केमिकल ट्रीटमेंट
  • बालों को धोने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल

SUMMARY : In spring season oily haircare can be easy with these easy home remedies. You can easily do cleaning, scalp care and conditioning with some great ayurvedic methods.

सारांश : वसंत के मौसम में तैलीय बालों की देखभाल करने के लिए बाज़ार के केमिकल-युक्त उत्पादों की बजाय कुछ आसान घरेलू उपायों को ट्राइ करें। इन उपायों के जरिए आप न केवल अपने बालों की सफाई और कंडीशनिंग कर सकती हैं, बल्कि अपने स्कैल्प से जुड़ी समस्याओं का भी निदान कर सकती हैं।

यह भी पढ़ें : -

आज ही जननम फेसबुक कम्युनिटी को ज्वाइन करें जहां हमारे एक्सपर्ट्स प्रेगनेंसी के हर पहलू पर टिप्स दे रहे हैं -यहाँ क्लिक करें

जननम आपको सही, सटीक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हमेशा आपके साथ हैं। लेकिन इसी के साथ आपको डॉक्टर से सलाह लेना भी ज़रूरी है।


Other articles related to this

बारिश के मौसम में घर और कपड़ों की सफाई के साथ-साथ अपने शरीर और त्वचा की सफाई रखना भी बहुत महत्वपूर्ण ...

वसंत का मौसम त्वचा के लिए दुविधा भरा होता है। इस समय में त्वचा को बहुत अधिक मॉइस्चराइज करने की भी आव...

तैलीय बालों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है, क्योंकि वे धोने के एक दिन बाद ही चिकने हो जाते ह...

मानसून में रूखे बाल किनारों से अलग होकर गिरने लगते हैं, लेकिन कुछ घरेलू उपचारों के ज़रिए आप इस समस्य...

बरसात का मौसम किसे पसंद नहीं होता। वर्षा की बूँदें गर्मी की तपन को दूर करने के साथ-साथ एक खुशनुमा मा...

हमारी आंखों से ही दुनिया रोशन है। इसे स्वस्थ रखेंगे तो खूबसूरत संसार देख पाएंगे। आयुर्वेद आंखों की स...

Other articles related to this

बारिश के मौसम में घर और कपड़ों की सफाई के साथ-साथ अपने शरीर और त्वचा की सफाई रखना भी बहुत महत्वपूर्ण है। बरसात के मौसम में होने वाली नमी की वजह से बहुत से लोगों को त्वचा पर दाने निकलने और रंग के दबने की शिकायत होती है, जो कि किसी भी फेस वाश या क्लींज़र से ठीक नहीं होता है।

वसंत का मौसम त्वचा के लिए दुविधा भरा होता है। इस समय में त्वचा को बहुत अधिक मॉइस्चराइज करने की भी आवश्यकता नहीं होती और मॉइस्चराइज न करने पर रूखापन भी महसूस होता है। ऐसे में बाज़ार में उपलब्ध मॉइस्चराइज़र

तैलीय बालों को अतिरिक्त देखभाल की आवश्यकता होती है, क्योंकि वे धोने के एक दिन बाद ही चिकने हो जाते हैं। स्कैल्प को स्वस्थ रखने के लिए घरेलू उपचार के साथ उचित हेयरकेयर सबसे ज़रूरी है। लेकिन इसके लिए बाज़ार के केमिकल-युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने के बजाय घर में ही प्राकृतिक रूप से तैयार चीज़ों का उपयोग करें, तो बेहतर।

मानसून में रूखे बाल किनारों से अलग होकर गिरने लगते हैं, लेकिन कुछ घरेलू उपचारों के ज़रिए आप इस समस्या से छुटकारा पा सकती हैं। बालों के झड़ने और बालों में रूखापन आने से बचने के लिए घर में ही बने तेल, शैम्पू और कंडीशनर का उपयोग करें।

बरसात का मौसम किसे पसंद नहीं होता। वर्षा की बूँदें गर्मी की तपन को दूर करने के साथ-साथ एक खुशनुमा माहौल भी लेकर आती हैं। जहाँ एक ओर बारिश की वजह से गर्मी में राहत मिलती है, वहीं दूसरी ओर बालों और

हमारी आंखों से ही दुनिया रोशन है। इसे स्वस्थ रखेंगे तो खूबसूरत संसार देख पाएंगे। आयुर्वेद आंखों की सेहत के लिए कई नुस्खे सुझाता है। जैसे,

जननम कम्युनिटी से जुड़ने के फायदे!

Join the #1 global parenting resource and start receiving the following helpful newsletter:

Join the community now!

Fill the following & enjoy perks!

Due Date or child's birthday