शिशु की मालिश का तरीका और समय क्या हो?

जब एक बच्चा इस दुनिया में आता है तो वह अपने माता-पिता के जीवन में खुशियों का पिटारा लेकर आता है। एक माँ-बाप के रूप में आप यह चाहते हैं कि आपका बच्चा हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहे। इसलिए आप उसे हर संभव तरीके से स्वस्थ रखना चाहते हैं। नवजात शिशु की मालिश भी एक ऐसा ही तरीका है जिसमें स्पर्श के जरिए बच्चे को तंदरुस्त बनाया जाता है। शिशु की मालिश के अनगिनत फायदे हैं, जिनमें शामिल हैं - पाचन में सहायता, गैस और कब्ज से राहत, दैनिक वजन में बढ़ोतरी, अच्छी नींद, नाक और श्वास सम्बन्धी समस्याओं से छुटकारा, अच्छी मांसपेशियाँ, शरीर जागरूकता,बेहतर प्रतिरक्षा प्रणाली, त्वचा में सुधार, शिशु को आराम इत्यादि शामिल हैं।

नई माताओं के लिए बच्चे की मालिश करना एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है, मगर यह काम इतना मुश्किल नहीं है।

जननम से जानिए : शिशु की मालिश का सही तरीका

  • मालिश की शुरुआत करते हुए तेल का एक छोटा सा हिस्सा अपने हाथों में लें और हथेलियों के बीच रगड़कर गर्म करें। फिर पैरों से शुरू करते हुए, इसे धीरे-धीरे अपने बच्चे के शरीर में घुमाएं। पैरों, हाथों, छाती, पेट, कमर, पीठ, और पैरों की अँगुलियों पर नर्म हाथों से मालिश करें।
  • अपने घर में शिशु की मालिश के लिए एक ऐसा स्थान खोजना महत्वपूर्ण है जहां आप और आपका बच्चा आराम महसूस करे। सुनिश्चित करें कि तापमान ज्यादा ठंढा या गर्म न हो। लगभग 24 डिग्री सेल्सियस का तापमान सही माना जाता है। कमरे के दरवाजे बंद रखें और यह सुनिश्चित करें कि कहीं से तेज हवा न आ रही हो और आपके शिशु को ठण्ड न लग रही हो। शिशु के सभी कपड़े हटाकर उसे एक तौलिया या मुलायम चादर पर रखें।

 

shishu kee maalish ka tareeka aur samay kya ho
  • आपके आस पास आपकी ज़रुरत की हर चीज रखिए; जैसे मालिश के लिए तेल, हाथ पोछने के लिए तौलिए और पानी, मालिश के बाद में अपने बच्चे को तैयार करने के लिए कपड़े, इत्यादि। ध्यान रखिए कि जरुरत की हर चीज आपके पास हो और आपको किसी चीज के लिए इंतज़ार न करना पड़े। शिशु को अधिक समय तक खुला बदन रखना सही नहीं है।
  • अच्छे और सुरक्षित तेल का उपयोग कर आप बच्चे की शरीर पर आसानी से और कम दबाव के हाथ घुमा सकते हैं।
  • आप जिस भी तेल का उपयोग करते हैं, वह सबसे पहले अपने बच्चे की त्वचा पर थोड़ी मात्रा में डाल कर देखना अच्छा है। इससे आप यह जान पाएंगे कि कही इसकी बच्चे पर कोई नकारात्मक प्रतिक्रिया तो नहीं हो रही।
shishu kee maalish ka tareeka aur samay kya ho
  • अगर आपके बच्चे को एक्जिमा या त्वचा सम्बन्धी समस्या है, तो मालिश के पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
  • शुरुआत में, बच्चे के पैरों की मालिश से शुरुआत करना अच्छा है, ताकि बच्चा मालिश का अभ्यस्त हो जाए। फिर बाहों, हाथों और पूरे शरीर की ओर जाएं। एक नियमित पैटर्न का पालन करने का प्रयास करें। इससे आपका बच्चा मालिश के लिए अच्छे से तैयार हो पाएगा।
  • पहले पीठ के बल लेटाकर और फिर पेट के बल लेटाकर मालिश करें।

जननम से जानिए : शिशु की मालिश का सही समय

  • दो आहारों के बीच का समय चुनने का प्रयास करें। इस दौरान बच्चा न तो भूखा होगा और न उसका पेट पूरी तरह भरा होगा।
  • उसके सोने से पहले का समय भी अच्छा है। जब वह जागे और आपके साथ खेलने में ख़ुशी महसूस कर रहा हो, तो यह समय भी अच्छा है। आप उससे बातचीत करते हुए मालिश कर सकती हैं।
  • बच्चे की दिनचर्या के हिसाब से समय निकालें। उसकी सोने या खाने की दिनचर्या को बाधित न करें। सोने से पहले की गई मालिश बच्चे को आराम देती है और वो सुकून से सो पाता है।

विशेषज्ञों का मानना ​​है कि लगभग 15 मिनट बच्चे की मालिश के लिए एक अच्छी अवधि है। इस दौरान शरीर के सभी हिस्सों पर समान ध्यान दिया जाना चाहिए।मालिश अपने बच्चे के साथ बंधन स्थापित करने का एक अच्छा तरीका है। इसे एक नियमित अभ्यास बनाएं और बच्चे को इसके लिए सहज होने दें। यह समझिए कि मालिश करने का कोई एक परिभाषित नियम नहीं हैं जिसकी जानकारी सिर्फ विशेषज्ञों को हो। इसे कोई भी माँ या पिता भी कर सकते हैं। यदि इस सम्बन्ध में कोई भी शंका हो, तो अपने बच्चे के डॉक्टर की सलाह लें। वो आपका सही मार्गदर्शन कर सकते है।

सारांश : शिशु की मालिश नवजात की देखभाल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके कई लाभ हैं जिनमें मांसपेशियों की ताकत, वजन बढ़ना सहायता, पाचन में सुधार, बेहतर परिसंचरण और समग्र विकास शामिल हैं। मालिश के लिए सही समय निर्धारित करना उचित है ताकि आपके बच्चे को दिनचर्या और स्टाइल की आदत हो। यदि आपको अपने शिशु की मालिश के बारे में कोई संदेह है तो बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श करें।

Summary: Baby's massage is an important part of newborn care. It has many benefits including muscle strength, weight gain aid, improve digestion, better circulation and overall development. It is advisable to set the right time for massage so that your child becomes habit of routine and style. If you have any doubts about your baby's massage then consult a pediatrician.

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