स्तनपान के समय शिशु को पर्याप्त दूध क्यों नहीं मिल पा रहा?

स्तनपान के समय शिशु को पर्याप्त दूध नहीं मिल पा रहा है| जानते हैं क्यों ? एक शिशु के लिए माँ का दूध आवश्यक है, ऐसे में स्तनपान के लिए पर्याप्त दूध न आ पाना एक बड़ी समस्या साबित हो सकती है। संभव है कि यह समस्या थोड़े समय की हो। मगर, ऐसा होते ही कई महिलाएं दूध पिलाना बंद कर देती है। ऐसे में बच्चे को माँ के दूध से मिल रहा जरुरपोषण मिलना बंद हो जाना है जिससे उसका मानसिक और शारीरिक विकास बाधित हो सकता है।

आपके बच्चे को पर्याप्त दूध न मिल पाने के संकेत उसके लक्षणों में नजर आते हैं । इन लक्षणों में शिशु के मल-मूत्र में कमी, बार-बार भूख लगना, बच्चे के विकास में कमी, चेहरे या शरीर में सूखापन, बच्चे के स्वभाव में चिडचिडापन या ऐसा कोई अन्य कारण हो सकता है।


जननाम से जानिये : स्तनपान के लिए पर्याप्त दूध नहीं बन पाने के कारण

  • स्तन का अपर्याप्त विकास

कुछ महिलाओं के स्तन सामान्य रूप से विकसित नहीं हुए होते। इस कम विकास की वजह से दूध बनाने वाली नलिकाएं यानि ग्लैंडुलर टिश्यूज भी कम विकसित होतीं हैं। इनकी वजह से स्तनपान में बाधा आ सकती है। हालाँकि दूध पिलाते हुए, समय के साथ, यह नलिकाएं विकसित हो जाती हैं और सामान्यतया दूसरे शिशु के दौरान स्तनपान की यह समस्या सामने नहीं आती।  


  • हार्मोनल या अंतःस्रावी समस्याएं

कुछ महिलाओं में पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस), कम या उच्च थायराइड, मधुमेह, उच्च रक्तचाप या हार्मोनल समस्याएं होती हैं जिनकी वजह से गर्भ धारण करना मुश्किल होता है। ये समस्याएं बच्चे के जन्म के बाद कम दूध बनने का भी कारण हो सकती हैं।  


  • हार्मोनल गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन

अक्सर महिलाएं फिर से माँ बनने की समस्या से बचने के लिए शिशु के जन्म के तुरंत बाद हार्मोनल गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन शुरू कर देती हैं। हमेशा नहीं, मगर कई बार इनकी वजह से दूध की मात्रा में कमी आती है। ऐसी कोई गोली खाने के पहले डॉक्टर की सलाह लेने में समझदारी है।


  • किसी अवांछित दवा या बूटी का सेवन

स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा या बूटी का सेवन नुकसानदायक होता है। इसकी वजह से भी कभी- कभी दूध बनने में समस्या हो सकती है।


  • अनियमित रूप से स्तनपान कराना

अधिक अंतराल पर दूध पिलाने से भी दूध का बनना कम होता है। कई बार महिलाएं जल्दी ही बच्चे को फोर्मुले वाले दूध पर ले आती हैं। ऐसे में बच्चा भूख के लिए माँ पर निर्भर नहीं रहता। शुरूआती समय में जब शरीर स्तनपान के लिए अभ्यस्त हो रहा होता है, ऐसे में अनियमित रूप से स्तनपान कराना से ग्लैंडुलर टिश्यूज ठीक से विकसित नहीं हो पाते सुर दूध आना कम हो जाता है।


शिशु के लिए माँ का दूध सर्वोत्तम है। ऐसे में स्तनपान के लिए अधिक से अधिक प्रयास करना चाहिए। जहाँ तक संभव हो सके, माँ के दूध को ही प्राथमिकता देनी चाहिए। कई समस्याएं अस्थायी होती हैं। इसलिए यदि दूध में कमी आए या कोई समस्या उभरे तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। यदि फिर भी आपकी समस्या का अंत नहीं हो प् रहा हो, तो अधिक चिंता ना करें, क्योंकि आधुनिक समय में इसके अच्छे विकल्प भी मौजूद हैं। जननाम से जुड़ें और सही जानकारी के साथ करें खुशियों का स्वागत!


स्तनपान के समय शिशु को पर्याप्त दूध क्यों नहीं मिल पा रहा? इसका जवाब अब आप जान गए होंगे| 


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