प्रेगनेंसी के दूसरे महीने में फीटस का विकास

पहले महीने में बच्चा एक एलियन से इंसानी रूप में बदल गया है; हालांकि, इंसानी रूप मिलने के बाद भी पिछले अल्ट्रासाउंड में आपको सिर्फ़ उसका हल्का-सा धड़कता हुआ दिल (हार्ट) ही दिखाई दिया था। ब्लास्टोसिस्ट पहले भ्रूण (एम्ब्रीओ) बनता है फिर धीरे-धीरे फीटस में बदल जाता है। लेकिन फिर पहले महीने में बच्चा अनाड़ी ही होता है क्योंकि वह न तो कुछ करता है और न ही कुछ सोच सकता है। वह अपनी माँ का एक छोटा सा हिस्सा बनकर रहता है और मज़े से बड़ा होते हुए ताकतवर बन जाता है। अब दूसरे महीने का अल्ट्रासाउंड देखकर आपको बच्चे में कुछ दिलचस्प हलचल ज़रूर दिखेंगे। आयुर्वेद के अनुसार, दूसरे महीने में भ्रूण (एम्ब्रीओ) और ठोस बन जाता है और धीरे-धीरे यह गोल या अंडे के आकार का या आँसू के आकार का बन जाता है।

नया स्टेज:

इसी स्टेज में आपकी नन्ही जान आखिकार भ्रूण (एम्ब्रीओ) से फीटस बन जाती है जो कि एक नन्हे इंसान की तरह दिखता है। लेकिन अभी भी बच्चे का निर्माण कार्य और विकास चालू है। अब वह मटर की तरह तो नहीं दिखता लेकिन उसका आकार अभी भी इतना छोटा है कि उसका वज़न अभी भी 28 ग्राम से कम होगा। उसके शरीर के अंदर के अंग अभी भी विकसित हो रहे हैं। अंगों के छोटे हिस्से एक साथ मिलकर अंगों का निर्माण कर रहे हैं और वे लगातार विकसित होते-होते आपकी नन्ही जान को एक आकार प्रदान करेंगे।

पलकें:

लगभग इसी समय आपके बच्चे के चेहरे की विशेषताओं का विकास शुरू हो जाता है। जो कभी त्वचा का बस एक गोला था उसमें अब एक आकार बनता हुआ दिख रहा है। आपके बच्चे का पिचका हुआ सिर अब आकार ले रहा है। लेकिन, आप देखेंगी कि आपके बच्चे का सिर उसके बाकी शरीर से काफ़ी ज़्यादा बड़ा है। उसके शरीर के अंदर आँखों की बनावट शुरू हो चुकी है। ऑप्टिक नर्व्ज़ विकसित होते हुए एक दूसरे से जुड़ रहे हैं। लेकिन बाहर से आपको आँखों की सिर्फ़ पलकें ही नज़र आएँगी जो कि ज़ोर से बंद हैं और उनके खुलने का स्थान अभी भी नहीं बना है।

ज़रूरी बात:

बच्चे का सिर बन चुका है और वह अभी भी उसके बाकी शरीर से बड़ा है। ऐसा सिर्फ़ इसलिए होता क्योंकि अभी आपके बच्चे के सिर के अंदर मौजूद दिमाग के अंग तैयार हो रहे हैं और उनका लगातार विकास हो रहा है। दिमाग का निर्माण हो रहा है और वह काम भी कर रहा है; साथ ही, दिमाग के नीचे स्थित शरीर के दूसरे अंग इससे मिलने वाले इम्पल्स के अनुसार अपनी-अपनी जगह विकसित हो रहे हैं। सॉफ्ट (नर्म) छोटी स्पाइन के बन जाने पर दिमाग अपने आप को स्पाइनल हेड से जोड़ लेता है।

बच्चे का लिंग (जेंडर):

चूंकि, अभी भी आपके बच्चे का जननांग (जेनिटैलीय) पूरी तरह से बना नहीं है, उसका लिंग (जेंडर) बताना अभी भी मुश्किल है। कुछ हफ़्तों के अंदर, आशा करते हैं कि अगले ही महीने, आपको पता चल जाएगा कि आपके बच्चे का लिंग (जेंडर) क्या है। अगर बेटा है तो पेट के निचले हिस्से के ऊपर उसके टेस्टिकल बनने शुरू हो जाएंगे और अगर बेटी है तो उसका वेजाइना धीरे-धीरे अपनी आकार ले लेगा। हालांकि, अभी लिंग (जेंडर) का पता लगाना उतना आसान नहीं है।

लिवर का विकास:

अभी बच्चे के लिवर ने काम करना शुरू कर दिया है और वह, शरीर को ज़रूरी, आरबीसी या लाल रक्त कोशिकाएं (सेल) प्रदान कर रहा है। जब आपका बच्चा आखिरी छह महीने पार कर लेगा तब लिवर के बजाय बोन मैरो आरबीसी या लाल रक्त कोशिकाएं (सेल) बनाना शुरू कर देगा। लेकिन, जब तक ऐसा नहीं होता तब तक लिवर आरबीसी या लाल रक्त कोशिकाएं (सेल) बनाता रहेगा।

शरीर के अंग:

इस स्टेज में, इस महीने के 15वे दिन से आपके बच्चे में कई तरह के विकास होने लगेंगे। उसकी बाहें और टांगें अपना आकार ले रहे हैं और हाथों और पैरों की उँगलियों के लिए जगह बन रही है। अब, धीरे-धीरे उसके हार्ट (दिल) के अंदर भी दो हिस्से बन रहे हैं। जैसे-जैसे ये बदलाव हो रहे हैं, उसका नाक और चेहरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बच्चे में पाचन तन्त्र (डाइजेस्टिव सिस्टम) का विकास सबसे जल्दी होता है और फिर, उसके निचले पेट के साथ-साथ उसके आंत (इन्टेस्टाईन) और पैंक्रियास भी धीरे-धीरे बनने लगते हैं।


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