स्तनपान बिना बच्चे से मजबूत बंधन कैसे बनाएं?

एक माँ के लिए अपने शिशु को स्तनपान कराना एक अनमोल वरदान होता है। मगर, कई बार माताएं कुछ कारणों से स्तनपान नहीं करा पाती। कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के कारण ऐसा हो सकता है। सामान्यतया शिशु को स्तनपान कराना बच्चे के साथ एक अटूट बंधन जोड़ने जैसा है।

इसके पीछे एक वैज्ञानिक आधार भी है। रिसर्च में ऐसा पाया गया है कि स्तनपान कराने के दौरान माँ के मस्तिष्क में ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन निकलता है, जिसे प्यार का हार्मोन भी कहा जाता है। एक माँ लगभग दिन के आठ घंटे अपने शिशु को स्तनपान करते हुए बिताती जिससे यह बंधन अपने आप मजबूत हो जाता है।

फार्मूला दूध पिलाने से उसी प्रकार का ऑक्सीटोसिन निकलना संभव नहीं होता, इसलिये, स्तनपान ना करा पाने वाली माँ यह अवसर खो देती हैं। मगर, इसका यह अर्थ नहीं कि स्तनपान ना करा पाने वाली माँ के पास बच्चे के साथ ऐसा बंधन बनाने का कोई विकल्प नहीं हैं। ऐसे कई विकल्प मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल कर आप अपने बच्चे के साथ मजबूत बंधन बना सकती हैं।

जननम से जानिये : स्तनपान बिना बच्चे से मजबूत बंधन बनाने के 5 सुझाव

1. बोतल से भी स्वयं दूध पिलाएं

stanapaan bina bachche se majaboot bandhan kaise banaen

1. अक्सर माताएं ऐसा सोचती हैं कि यदि शिशु बोतल से दूध पी रहा है तो घर के अन्य सदस्य भी उसे दूध पिला सकते हैं। ऐसा कभी-कभी हो सकता है, मगर हर बार यह सही नहीं है। जहाँ तक संभव हो, आप स्वयं शिशु को दूध पिलाने का प्रयास करें। इससे शिशु हर बार आहार लेते वक्त आपके करीब रहेगा।

2. शिशु को अपने स्पर्श का अहसास होने दें

शिशु को वैसी ही शारीरिक स्थिति में पकड़ें जैसे सामान्य स्तनपान के दौरान पकड़ा जाता है। उसे अपने शारीरिक स्पर्श का अहसास होने दें। वो आपके अहसास से परिचित होगा और आप भी उसके साथ बंधन महसूस करेंगे। ऐसे में ऑक्सीटोसिन हार्मोन भी बाहर आ सकता है।


. 3. दूध पिलाते वक्त अपना पूरा ध्यान सिर्फ शिशु पर रखें

  • उसकी आँखों में देखकर बात करें, उसकी तरफ देखकर मुस्कुराएं और उसे अपनी निकटता का अहसास होने दें।
  • 4. शांत वातावरण में दूध पिलाएं
  • अक्सर माताएं दूध पिलाते वक्त टीवी देखती हैं, म्यूजिक सुनती हैं या अपने मोबाइल में व्यस्त रहती हैं। यह आसपास का शोर आपके शिशु के ध्यान को भटकाए रखता है और वो आपसे जुड़ नहीं पाता।
  • 5.आवश्यकतानुसार दूध पिलाएं
  • शुरुआत में डॉक्टर हर दो घन्टों में दूध पिलाने की सलाह देते हैं, मगर समय के साथ शिशु की मांग के अनुसार उसे दूध पिलाना चाहिए। कई माताएं बाद तक यह सिलसिला जारी रखती हैं और भूख न होने पर भी शिशु को दूध पिलाने का प्रयास करती हैं। ऐसे में बच्चा चिडचिडा हो जाता है। यदि आप उसे आवश्यकतानुसार दूध पिलायेंगी तो वो आपके सान्निध्य में भूक की संतुष्टि का अनुभव कर पाएगा।

 

stanapaan bina bachche se majaboot bandhan kaise banaen

Summary : If you are unable to breastfeed and are worried about your bonding with your child, you need not to worry so much. There are several things you can still do to strengthen your bond with your child. These things include: holding your baby close, giving skin to skin touch, making eye contact, spending alone time with your baby, etc.

सारांश : यदि आप स्तनपान नहीं करवा पा रही हैं और अपने बच्चे के साथ बॉन्डिंग को लेकर चिंतित हैं, तो आपको इतना परेशान होने की जरूरत नहीं है। कई चीजें हैं जो आप अभी भी अपने बच्चे के साथ अपने बंधन को मजबूत करने के लिए कर सकते हैं। इन चीजों में शामिल हैं: अपने बच्चे को पास रखना, त्वचा को त्वचा का स्पर्श देना, आंखों का संपर्क बनाना, अपने बच्चे के साथ अकेले समय बिताना आदि।

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