डिलीवरी के ठीक बाद आपको क्या करना चाहिए?

बधाई हो! आपके घर में नन्ही खुशियों ने कदम रखा है! आपका उत्साह तो आसमान छू रहा होगा! हर माँ की तरह आप भी चाह रही होंगी कि आप अपने नवजात शिशु के साथ अच्छे से अच्छा समय बिता पाए। मगर डिलीवरी के ठीक बाद आप अचानक एकदम निश्चिन्त नहीं हो सकती। आपको खुद का अधिक ख्याल रखना है ताकि आप गर्भावस्था के बाद होने वाली समस्याओं से बच सकें।

डिलीवरी के ठीक बाद एक हफ्ते तक इन बातों का ध्यान रखें

 1. सही आहार लें: घर मे नए मेहमान के आते ही नई माँ इतनी व्यस्त हो जाती है कि वह अक्सर खाना समय पर खाना ही भूल जाती हैं। ऐसे मे जहाँ उनको इस पहले हफ्ते मे अधिक ऊर्जा की आवश्यकता है वहीं वह खाना ना खाकर थका हुआ महसूस करने लगती है। इसलिए अपने आहार पर विशेष ध्यान दें। एक संतुलित आहार लें और शरीर की विटामिन, आयरन, कैल्शियम और खनिज सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूरा करें।

2. अपनी दवाएं लेती रहें: डिलीवरी के ठीक बाद आप डॉक्टर की बताई दवाएं लेना ना छोड़ें। कई महिलाएं सोचती हैं कि एक बार बच्चा होने के बाद उन्हें प्रसवपूर्व वाले विटामिन लेने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप स्तनपान करा रही हैं, तो आपके शरीर को गर्भावस्था के दौरान जैसे अधिक विटामिन और खनिजों की आवश्यकता होती है। आपको इस मामले में अपनी डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए। 

3.भीड़ से बचें बच्चे का जन्म होते ही कई परिवार और दोस्त नए बच्चे को तुरंत देखने के लिए उत्साहित होंगे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपको इसे पूर्णतया स्वीकार करना चाहिए। आपके शरीर के लिए डिलीवरी एक कठिन प्रक्रिया होती है। इस समय के बाद अपनी ऊर्जा को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है, इसलिए समझदारी से कोई भी निर्णय लें। रिश्तेदारों या दोस्तों को विनम्रतापूर्वक यह सन्देश दें कि वे कुछ दिन बाद आएं। यदि संभव हो तो दो सप्ताह बाद ही लोगों को मिलने के लिए कहें। साथ ही मिलने का समय भी तय करें , ताकि दिन भर लोगों को स्वागत करने की बजाय एक-दो घंटे ही लोगों से मिलना पड़े।

4. अधिक नींद ले: आपके लिए नींद बहुत ही महत्वपूर्ण है, फिर भी विडंबना यह है कि एक बार नवजात शिशु के होने के बाद नींद और आराम नहीं मिल पाता है। नवजात शिशु दिन में 16 घंटे तक सोते हैं। मगर आपको उसकी भूख और अन्य जरूरतें भी पूरी करनी पड़ती है। ऐसे मे अपने बच्चे के हिसाब से अपनी नींद पूरी कीजिए।शिशु के जन्म के बाद एक साथ छह-सात घण्टों की नींद मिलना मुश्किल होता है। इसलिए बेहतर है कि छोटी-छोटी नींद लीजिए। बच्चे के साथ छोटी-छोटी नींद लेकर आप अपनी नींद को पूरा कर सकती हैं। आप चाहे तो चाइल्ड केयर देने वाले लोगो से भी सहायता ले सकती है। 

5. धैर्य से स्तनपान कराएं: शुरू-शुरू मे स्तनपान करना ना ही माँ को आता है और ना ही स्तनपान करना बच्चे को आता है। इस प्राकृतिक प्रक्रिया को धीरे धीरे, माँ और बच्चे, दोनों को सीखना पड़ता है। डिलीवरी के शुरुआती हफ्तों में धीरज बनाए रखे और स्तनपान कराते रहे।

6.  तरल पदार्थों का भरपूर सेवन करें: स्तनपान कराने वाली माताओं को अधिक पानी पीना आवश्यक होता है। इसके साथ ही जूस या दूध का सेवन भी बेहतर होता है। स्तनपान के लिए शुरुआत से ही तरल पदार्थों का सेवन बेहतर स्तनपान को आसान बनाता है।

गर्भावस्था में डिलीवरी के ठीक बाद का समय महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान अचानक से आई नवजात शिशु की सौ जिम्मेदारियां आपको थका सकती हैं। इसलिए इन चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से तैयार होना आवश्यक है। बच्चे के साथ खुद का भी ख्याल रखें, ताकि आप मातृत्व का अच्छे से आनंद उठा पाएं।

Summary: Congratulations on becoming a new mother! Jananam tells you what things should be taken care of in the first week immediately after delivery of the baby to prepare for healthy and happy motherhood.

सारांश :  नई माँ बनने पर बधाई! जननम आपको बताते हैं कि स्वस्थ और खुशहाल मातृत्व की तैयारी के लिए बच्चे की डिलीवरी के ठीक बाद पहले सप्ताह में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

यह भी पढ़ें : -

 


Other articles related to this

एक बच्चे को जन्म देना एक महिला के जीवन में सबसे विशेष घटनाओं में से एक है। प्रसव के बाद ख़ुशी और उत्स...

गर्भावस्था किसी महिला के जीवन में सबसे सुखद समयों में से एक है। इस दौरान वह कई प्रकार के शारीरिक और ...

स्तनपान कराना एक माँ के लिए अनमोल वरदान होता है। शुरूआती दौर में आपका बच्चा भोजन के लिए आपके दूध पर ...

स्तनपान शिशुओं के लिए संपूर्ण पोषण का काम करता है। पोषण के अलावा स्तनपान के ज़रिये बच्चे के शरीर में...

एक माँ के लिए अपने शिशु को स्तनपान कराना एक अनमोल वरदान होता है। मगर, कई बार माताएं कुछ कारणों से स्...

किसी भी परिवार में बच्चे का जन्म अनंत खुशियों का कारण होता है। कुछ समय पहले तक बच्चे का जन्म घर में ...

Other articles related to this

एक बच्चे को जन्म देना एक महिला के जीवन में सबसे विशेष घटनाओं में से एक है। प्रसव के बाद ख़ुशी और उत्साह के साथ कुछ शारीरिक चुनौतियाँ भी आती हैं। यदि यह सामान्य प्रसव हो, तो अपेक्षाकृत कम परेशानियां हो

गर्भावस्था किसी महिला के जीवन में सबसे सुखद समयों में से एक है। इस दौरान वह कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक उतार-चढ़ावों से गुजरती है। गर्भावस्था के इन अनुभवों के बाद जब वो शिशु को जन्म देती है तो यह सुकून

स्तनपान कराना एक माँ के लिए अनमोल वरदान होता है। शुरूआती दौर में आपका बच्चा भोजन के लिए आपके दूध पर ही निर्भर करता है। आप यह प्रयास करती हैं कि आपको एक शांत वातावरण मिल सके, जहाँ आपका बच्चा बिना किसी

स्तनपान शिशुओं के लिए संपूर्ण पोषण का काम करता है। पोषण के अलावा स्तनपान के ज़रिये बच्चे के शरीर में आवश्यक खनिज और विटामिन भी पहुचते हैं। उनकी पाचन शक्ति मजबूत बनती है। मां के दूध में एंटी

एक माँ के लिए अपने शिशु को स्तनपान कराना एक अनमोल वरदान होता है। मगर, कई बार माताएं कुछ कारणों से स्तनपान नहीं करा पाती। कुछ स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं के कारण ऐसा हो सकता है। सामान्यतया शिशु को स्तनपान

किसी भी परिवार में बच्चे का जन्म अनंत खुशियों का कारण होता है। कुछ समय पहले तक बच्चे का जन्म घर में ही किए जाने वाला काम माना जाता था। लेकिन खुशियों के इस सफर को जारी रखने के लिए कुछ सावधानियाँ बरतनी

जननम कम्युनिटी से जुड़ने के फायदे!

Join the #1 global parenting resource and start receiving the following helpful newsletter:

Join the community now!

Fill the following & enjoy perks!

Due Date or child's birthday