बच्चा एक साल का हो जाए तो ऐसे प्लान करें उसकी सुबह

आम तौर पर, हम 12 से 36 महीने की उम्र के बच्चों को शिशु मानते हैं। इन्हें ही बेबी या 'टॉडलर' कहते हैं। यानीजो ठीक तरह से अभी अपने कदम नही रख पाते। ये ऐसी अवस्था है, जब बच्चे जहां चलना सीख रहे होते हैं, वहींउनके शरीर के साथ-साथ उनका मानसिक विकास भी हो रहा होता है।


आयुर्वेद में इस उम्र के बच्चों का ख़ास ख्याल रखने के लिये कई तरह की देखभाल के बारे में बताया गया है। इनमें सबसे ज़रूरी है एक तय रूटीन को फॉलो करना। इससे बच्चों की याद्दाश्त मज़बूत होती है, पाचन शक्ति बढ़ती है और वे बुद्धिमान बनते हैं।


आइए हम आपको बताते हैं कि सुबह सबेरे इस उम्र के बच्चों का किस तरह से ख्याल रखकर आप उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक और बुद्धिमान बना सकते हैं-


  • साफ़-सफ़ाई का ख्याल रखें (Cleanliness is important)


  • सुबह जब बच्चा जग जाए, तो उसकी आंखों और चेहरे को गुनगुने पानी से धोएं। उन्हें गुनगुने पानी से भीगे कपड़े से पोंछ भी सकती हैं।
  • इस उम्र में बच्चों के दूध के दांत निकल रहे होते हैं, या निकल चुके हैं तो उन्हें नमक और दालचीनी के पाउडर को मिलाकर पानी से हल्के हाथ से ब्रश कराएं।
  • बच्चों के मुंह को गुनगुने पानी से साफ करें। उन्हें सुबह फ्रेश होने की आदत डालें।


  • मालिश है ज़रूरी (massage first, then wait for half an hour)
 बच्चा एक साल का हो जाए तो ऐसे प्लान करें उसकी सुबह
  • बच्चे के शरीर को रोग-प्रतिरोधक बनाने के लिए उसकी रोज़ाना तिल या सरसों या नारियल के तेल, जो आपको ठीक लगे, उससे मालिश करें। इससे बच्चे का रंग तो निखरेगा ही, साथ ही उसके शरीर में रक्त का संचार भी बढ़ाएगा। इससे बच्चे की ग्रोथ अच्छी तरह होगी।
  • सिर की मसाज के लिये नारियल का तेल इस्तेमाल करे। (virgin coconut oil)
  • सिर के ऊपरी हिस्से को क्लॉकवाइज़ मसाज़ करें। इससे बच्चा स्वस्थ बनेगा।
  • मालिश को शरीर में कम से कम आधा घंटा भीगने दें।


  • आधा घंटा खेलने दें (Let the child play for half an hour)


 बच्चा एक साल का हो जाए तो ऐसे प्लान करें उसकी सुबह
  • मालिश के बाद बच्चे को करीब आधा घंटा खेलने दें।
  • इससे बच्चे का मन भी लगा रहेगा और इस दौरान तेल उसके शरीर में ठीक से एब्ज़ॉर्ब भी हो जाएगा।


  • गुनगुने पानी से स्नान (Bathe with lukewarm water)


 बच्चा एक साल का हो जाए तो ऐसे प्लान करें उसकी सुबह
  • मालिश के बाद जब बच्चे आधा घंटा खेल लें, तब उन्हें गुनगुने पानी से नहलाएं।
  • नहाने के लिये किसी साबुन की जगह घर पर बने हर्बल शैंपू या बाथ पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिये आयुर्वेद में कई तरह की घरेलू सामग्रियां सुझाई गई हैं।
  • बच्चे को हर रोज़ नहलाएं।


ऐसे बनाएं बाथ पाउडर (Bath Powder)


सामग्री

  • 2 कप ग्रीन ग्राम (2 Cups Green gram)
  • 2 कप गुलाब के फूल की पत्तियां (2 Cups Rose petals)
  • 1 कप अशोका फ्लावर्स (1 Cup Ashoka flowers)

बनाने का तरीका

  • ये सारी सामग्री लें और एक प्लेट में तीन दिन तक घर के अंदर सुखाएं।
  • गर्मियों में इन्हें तीन दिन के बाद एक और दिन धूप में रखें।
  • पूरी तरह सूख जाने पर इन्हें अच्छी तरह पीस लें और इसका पाउडर तैयार कर लें।
  • तैयार पाउडर को एक एयरटाइट कंटेनर में रखें।
  • बच्चों की स्किन को यह मुलायम बनाएगा और मॉइस्चराइज़ करेगा।

सावधानी

  • बच्चे को नहलाने के दौरान अगर आप आयुर्वेदिक पाउडर का इस्तेमाल करती हैं, तो उसे तेल न लगायें, नहीं तो बेबी को ठंड लग सकती है और उसे सर्दी हो सकती है।
  • नहलाने के बाद उसे कॉटन के साफ और मुलायम तौलिये से पोछें। शरीर को सुखाएं, शरीर को रगड़ें नहीं।


  • ब्रेकफास्ट हो हेल्दी (Healthy breakfast)


  • बच्चे का नाश्ता हेल्दी हो, इसका खास ख्याल रखें। ब्रेकफास्ट में चावल-दाल, बारीक कटी हुई और उबाली हुई सब्ज़ियां, केला इत्यादि दें।
  • ब्रेकफास्ट के बाद बच्चे को थोड़ी देर के लिए सुलाना ठीक रहता है। उन्हें करीब दो घंटे सुला सकते हैं।


  • जगने के बाद बच्चे को खेलने दें (Let them play for a while)


बच्चे जब जग जाएं, तो इसके बाद का समय उनके खेलने के लिये छोड़ें। उन्हें उनकी पसंद के खेल करीब एक घंटे तक रोज़ खेलने दें। इसके बाद उन्हें दोपहर का खाना दे सकती हैं।


जननम कहे हां


शुरुआत से ही बच्चों को सही दिनचर्या में ढालें, क्योंकि सही दिनचर्या उन्हें जीवन में अनुशासित रहने का पाठ पढ़ाती है। इससे उन्हें मानसिक और भावनात्मक मजबूती (physiology and emotional stability) मिलती है। क्योंकि बाल अवस्था से ही अगर वात, पित्त, कफ दोष में संतुलन बना रहेगा तो बच्चे का स्वास्थ्य उत्तम होगा।


जननम कहे ना


बच्चे को सुबह सवेरे जूस न दें। मौसमी फल देने से भी परहेज़ करें। इनकी जगह दालों का सूप बनाकर देना फ़ायदेमंद रहेगा।


आज ही जननम फेसबुक कम्युनिटी को ज्वाइन करें जहां हमारे एक्सपर्ट्स प्रेगनेंसी के हर पहलू पर टिप्स दे रहे हैं -यहाँ क्लिक करें



जननम आपको सही, सटीक और उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हमेशा आपके साथ हैं। लेकिन इसी के साथ आपको डॉक्टर से सलाह लेना भी ज़रूरी है।


Other articles related to this

बालों में रूसी हो जाने की समस्या आजकल बहुत आम हो चुकी है, लेकिन जब ये रूसी आपके नन्हे से बच्चे के सि...

शिशु के अंग बहुत कोमल होते हैं। नाक साफ रहने से बच्चे को इंफेक्शन होने की आशंका कम होती है। शिशु को ...

एक बच्चे को जन्म देना एक महिला के जीवन में सबसे विशेष घटनाओं में से एक है। प्रसव के बाद ख़ुशी और उत्स...

स्तनपान शिशुओं के लिए संपूर्ण पोषण का काम करता है। पोषण के अलावा स्तनपान के ज़रिये बच्चे के शरीर में...

किसी भी परिवार में बच्चे का जन्म अनंत खुशियों का कारण होता है। कुछ समय पहले तक बच्चे का जन्म घर में ...

स्तनपान एक माँ और बच्चे का प्राकृतिक जुड़ाव है। स्तनपान करना बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक...

Other articles related to this

बालों में रूसी हो जाने की समस्या आजकल बहुत आम हो चुकी है, लेकिन जब ये रूसी आपके नन्हे से बच्चे के सिर में हो जाए तो आपके लिए ये किसी परेशानी से कम नहीं है। क्योंकि आप नहीं चाहेंगी कि आपका बच्चा हर

शिशु के अंग बहुत कोमल होते हैं। नाक साफ रहने से बच्चे को इंफेक्शन होने की आशंका कम होती है। शिशु को सांस लेने में कोई परेशानी न हो और किसी भी तरह के संक्रमण से उसे बचाया जा सके, इसके लिये नियमित रूप

एक बच्चे को जन्म देना एक महिला के जीवन में सबसे विशेष घटनाओं में से एक है। प्रसव के बाद ख़ुशी और उत्साह के साथ कुछ शारीरिक चुनौतियाँ भी आती हैं। यदि यह सामान्य प्रसव हो, तो अपेक्षाकृत कम परेशानियां हो

स्तनपान शिशुओं के लिए संपूर्ण पोषण का काम करता है। पोषण के अलावा स्तनपान के ज़रिये बच्चे के शरीर में आवश्यक खनिज और विटामिन भी पहुचते हैं। उनकी पाचन शक्ति मजबूत बनती है। मां के दूध में एंटी

किसी भी परिवार में बच्चे का जन्म अनंत खुशियों का कारण होता है। कुछ समय पहले तक बच्चे का जन्म घर में ही किए जाने वाला काम माना जाता था। लेकिन खुशियों के इस सफर को जारी रखने के लिए कुछ सावधानियाँ बरतनी

स्तनपान एक माँ और बच्चे का प्राकृतिक जुड़ाव है। स्तनपान करना बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक होता है, मगर कभी-कभी बच्चे स्तनपान करने से इंकार करने लगते हैं और इसी कारण माँ भी तनाव में आ जाती है।

जननम कम्युनिटी से जुड़ने के फायदे!

Join the #1 global parenting resource and start receiving the following helpful newsletter:

Join the community now!

Fill the following & enjoy perks!

Due Date or child's birthday