प्रसव के बाद खिलाए जाने वाले गोंद के लड्डू बनाने की विधि

गर्भावस्था के नौ महीने और प्रसव के बाद महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं। इन 9 महीनों के दौरान गर्भवती को अपना खास ख्याल रखना होता है। शिशु होने के बाद प्रसूता काफी कमजोर हो जाती है और उसे रिकवर होने में काफी समय लगता है। भारत में प्रसव के बाद महिलाओं को खास तरह के आहार दिए जाते हैं। जिनमें से एक है गोंद के लड्डू .... ये लड्डू पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में काफी लोकप्रिय हैं। वहीं महाराष्ट्र में इन्हें डिंनचे लाडू कहा जाता है। मराठी में 'डिंक' का अर्थ है खाने वाली गोंद। वहीं गुजरात में, इन्हें गुंडर लाडू कहा जाता है।

 

गोंद के लड्डू के फायदे

कई तरह की गोंद, बादाम, काजू, किशमिश, आटा, हल्दी, गुड़ या चीनी, मेथी, आजवाइन जैसे पौष्टिक सामग्री से बने ये लड्डू मां को ताकत देते हैं। साथ ही स्तनपान के जरिए शिशु की भी अच्छी ग्रोथ में मदद करते हैं। ये लड्डू काफी गर्म होते हैं, जिससे मांसपेशियों को राहत मिलती है। ज्यादातर महिलाओं को प्रसव के बाद 40 दिन तक इन्हें विशेष आहार के रूप में दिया जाता है।

 

(1) गोंद में कई पोषक और आयुर्वेदिक गुण हैं। यह बेस्वाद और गंधहीन होती है और अगर पानी में भिगोया जाता है, तो ये एक जेल में बदल जाती है।

(2) प्रसव के बाद ये लड्डू जोड़ों के दर्द के साथ पीठ दर्द को कम करते हैं। ये वसा और फाइबर से भरपूर होते हैं, जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है।

(3) गोंद कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होती है। जिससे ना सिर्फ हड्डियां मजबूत होती हैं, बल्कि दूध का उत्पादन भी बढ़ता है।

 

गोंद के लड्डू बनाने की सामग्री - 

  • गोंद - 125 ग्राम
  • सूखा खजूर/छुहारा - 500 ग्राम (पिसा हुआ)
  • सूखा नारियल - 500 ग्राम (कसा हुआ)
  • गुड़ - 500 ग्राम (कद्दूकस या बारीक कटा हुआ)
  • घी - 500 ग्राम
  • बादाम - 125 ग्राम (कुटा हुआ)
  • खसखस - 50 ग्राम
  • अलिव बीज - 50 ग्राम
  • सौंफ - 50 ग्राम
  • इलायची - 50 ग्राम
  • मेथी दाना - 30 ग्राम
  • जायफल - 1 (कुटा हुआ)

 

कैसे बनाएं गोंद के लड्डू :

ऊपर दी गई सामग्री को हल्का भूरा होने तक सूखा भून लें। अब भुनी हुई सामग्री को बारीक पीस लें। अब कढ़ाही में 1 छोटा चम्मच घी डालें और घी गर्म होने के बाद उसमें 1 चाय चम्मच गोंद डालें फिर 3-5 सेकंड तक पकाएं। इस दौरान गोंद फूल जाएगी। अब इसे निकालकर अलग रख लें। बाकी गोंद के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाएं। (याद रहे एक बार में सारा गोंद ना भूनें । इससे गोंद कच्चा रह सकता है।) 

अब उसी कड़ाही में 1 बड़ा चम्मच घी डालें। गर्म होने पर गुड़ डालें और तब तक हिलाएं जब तक गुड़ पिघल कर बुलबुले न दिखाने लगें। इस पिघले हुए गुड़ को गोंद के साथ मिक्सिंग बाउल में डालें। इसके बाद सभी सूखा भुना हुआ पाउडर इसमें मिला दें और सभी चीजों को अच्छे से मिक्स करें। गोंद के लड्डू बनने के लिए पूरी तरह से तैयार है, अब सामग्री को थोड़ा थोड़ा लेकर गोले बाना लें। और इन्हें एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें।

 

जननम कहे हां

  • गोंद के लड्डूओं का सेवन
  • सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए भी सेवन

 

जननम कहे ना

  • गर्भावस्था के दौरान इन लड्डुओं का सेवन

 

सारांश - प्रसव के बाद महिलाओं को कुछ विशेष आहार दिए जाते हैं। जिनमें से एक है गोंद के लड्डू। गोंद के लड्डू पोषकतत्वों का एक अच्छा स्रोत है। प्रसव के बाद स्वस्थ होने और पीठ दर्द को कम करने में असरदार होता है। वसा और फाइबर से समृद्ध ये लड्डू माँ की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं।


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