प्रसवोत्तर मालिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां

सी-सेक्शन डिलीवरी, सिजेरियन प्रसव या सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसवोत्तर मालिश में सावधानियां


एक बच्चे को जन्म देना एक महिला के जीवन में सबसे विशेष घटनाओं में से एक है। प्रसव के बाद ख़ुशी और उत्साह के साथ कुछ शारीरिक चुनौतियाँ भी आती हैं। यदि यहसामान्य प्रसव हो, तो अपेक्षाकृत कम परेशानियां हो सकती हैं, मगर यदि आपने सिजेरियन प्रसवसी सेक्शन डिलीवरी / सिजेरियन डिलीवरी के जरिए बच्चे को जन्म दिया है, तो परेशानियां अधिक हो सकती हैं। इसलिए प्रसवोत्तर मालिश में सावधानियां आवश्यक है |


सी-सेक्शन डिलीवरी या सिजेरियन डिलीवरी प्रमुख रूप से पेट की सर्जरी है, जहाँ पेट के निचले हिस्से में चीरा लगाकर बच्चे को बाहर निकाला जाता है। हालाँकि इस प्रकार की डिलीवरी बिल्कुल सुरक्षित है, मगर सिजेरियन प्रसव/ सिजेरियन डिलीवरी के बाद ठीक होने में समय लग जाता है। प्रसव के थकाने वाले अनुभव के बाद शरीर में अधिक दर्द होता है, और इसके अलावा अन्य समस्याएँ भी उभर कर सामने आती हैं


प्रसवोत्तर मालिश इन शारीरिक समस्याओं से छुटकारा पाने का बेहतरीन उपाय है। गर्भावस्था के बाद मालिश में कई फायदे हैं। यह शरीर की मांसपेशियों को आराम देती है और आवश्यक शारीरिक और भावनात्मक रूप से दोनों को फिर से जीवंत कर मजबूती देती है । एक अच्छी मालिश वाली को चुनना बहुत महत्वपूर्ण है, जिसे प्रसवोत्तर मालिश का अनुभव हो। मगर, सी सेक्शन डिलीवरी होने के बाद प्रसवोत्तर मालिश करवाने के दौरान आपको कुछ सावधानी बरतनी चाहिए।


( सिजेरियन प्रसव ) सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद प्रसवोत्तर मालिश कब शुरू करना चाहिए?


डॉक्टर आमतौर पर मालिश करने से पहले कुछ हफ्तों तक इंतजार करने की सलाह देते हैं क्योंकि जन्म देने के पहले दो हफ्तों में संक्रमण होने का खतरा सबसे अधिक होता है। इसलिए सिजेरियन डिलीवरी के बाद मालिश करवाने की शुरुआत करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें और फिर आगे बढ़ें।अधिकांश डॉक्टरों का सुझाव यही होता है कि आप सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद मालिश तब तक शुरू ना करें जब तक कि चीरे के घाव पूरी तरह से ठीक न हो जाए। इसे ठीक होने में आमतौर पर 6-7 सप्ताह लग जाते हैं। आपको अपने शरीर को ठीक होने के लिए पर्याप्त समय देना होगा और फिर प्रसवोत्तर मालिश शुरू किया जा सकता है।


जननम से जानिए: ( सिजेरियन प्रसव ) सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद प्रसवोत्तर मालिश मे ध्यान रखने वाली कुछ बातें

प्रसवोत्तर मालिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां
  1.   मालिश शुरू करने से पहले सीज़ेरियन कट को पूरी तरह से ठीक होने दे।

2. पहले कुछ हफ्ते पेट के क्षेत्र मे मालिश ना करवाए। सिर्फ सिर, बाहों, और पैरों मे मालिश ले।

प्रसवोत्तर मालिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां
प्रसवोत्तर मालिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां

3. केवल एक अनुभवी एवं प्रशिक्षित मालिशवाली का चयन करें।

4.  एक सुरक्षा उपाय के रूप में आप मालिश की आवृत्ति और तीव्रता के बारे में जानने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह लें।

प्रसवोत्तर मालिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां

हालांकि प्रसवोत्तर मालिश फायदेमंद होती है लेकिन यदि आपको चिक्कत्ते, एक्जिमा या अन्य त्वचा संक्रमण हो तो आपको मालिश से बचना चाहिए। संक्रमित क्षेत्र का मालिश करने से समस्या हो सकती है। अगर आपको अपनी डिलीवरी के दौरान जटिलताओं का सामना करना पड़ता है तो मालिश के पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें। हमेशा याद रखें कि सी-सेक्शन एक शल्य चिक्तिसा है। इसे ठीक करने के लिए आपको नियमित रूप से मालिश और स्वस्थ आहार के साथ अपने शरीर की अच्छी देखभाल करने की आवश्यकता है।

आशा है आपको सी-सेक्शन डिलीवरी, सिजेरियन प्रसव या सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसवोत्तर मालिश में सावधानियां से सम्बंधित ये लेख पसंद आया होगा, अपने विचार नीचे कमैंट्स में लिखे हमारी कोशिश होगी आपको सही राय देने की।


सारांश - गर्भावस्था के बाद मालिश में कई फायदे हैं. यह शरीर की मांसपेशियों को आराम देती है और आवश्यक शारीरिक और भावनात्मक रूप से दोनों को फिर से जीवंत कर मजबूती देती है । एक अच्छी मालिश वाली को चुनना बहुत महत्वपूर्ण है, जिसे प्रसवोत्तर मालिश का अनुभव हो। मगर, सी-सेक्शन डिलीवरी या सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसवोत्तर मालिश करवाने के दौरान आपको कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। इसके लिए अपने डॉक्टर का परामर्श जरूर लें।


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