दूध पिलाती हैं तो मानसून में इन बातों का रखें ख्याल

बरसात के आने से जहाँ एक ओर जलती गर्मी से राहत मिलती है, वहीं दूसरी ओर संक्रमण का ख़तरा बढ़ जाता है। वैसे तो बरसात के मौसम में सभी को स्वयं को सुरक्षित रखना आवश्यक है, लेकिन अगर आप नई-नई माँ बनी हैं और शिशु को स्तनपान करवाती हैं तब तो आपके और आपके शिशु के लिए सुरक्षा बेहद ज़रूरी है। इसके लिए आपको बहुत सी बातों का ध्यान रखने की आवश्यक्ता है जैसे अपना खान-पान, स्वयं की और शिशु की सफाई, कपड़ों का सही चुनाव और रोगप्रतिरोधक क्षमता की वृद्धि।
आप वर्षा ऋतु में इन तरीकों को अपना कर अपनी और अपने शिशु की देखभाल बेहतर तरीके से कर सकती हैं-

इस लेख में आप पढ़ेंगे

 

things for breast feeding mothers to take care in rainy season

पौष्टिक भोजन करें

बरसात के मौसम में सबसे आवश्यक है कि आप पौष्टिक भोजन का उपभोग करें। ऐसे भोजन का चुनाव करें जिसको खाने से आपको भरपूर मात्रा में प्रोटीन मिले। इसके अलावा बरसात के मौसम में अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन बेहद आवश्यक है। आप सिर्फ गर्म और ताज़ा बना भोजन ही ग्रहण करें। खाने में अधिक मात्रा में अजवायन, जीरे और सौंफ का प्रयोग करें। ऐसा करने से ना सिर्फ आप ख़ुद और शिशु को पोषण प्रदान करेंगी, बल्कि बरसात में होने वाले संक्रमण से भी बची रहेंगी।

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सही कपड़ों का चुनाव

स्तनपान करने वाली महिलाएं इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें कि वो सिर्फ सूती कपड़े ही पहनें। बरसात के मौसम में पूरे वातावरण में बहुत नमी आ जाती है, इसलिए ज़रूरी है कि ऐसे कपड़े पहने जाएं जिससे हवा शरीर के अन्दर जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो शरीर में एलर्जी या लाल चकत्तों की समस्या हो जाएगी और शिशु भी इससे प्रभावित होगा।

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रोगप्रतिरोधक क्षमता की वृद्धि

आपका शरीर इतना मजबूत होना चाहिए कि संक्रमण या फिर अन्य मौसमी बीमारियों को आपके आसपास भी ना फटकने दे। ऐसा तभी हो सकता है जब आपके शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता या इम्युनिटी अधिक होगी। आप अपनी इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए सबसे जरूरी है कि आप अपने आस पास सफाई रखें। 8 घंटे की बिना रूकावट के नींद लें और ख़ुद को चिंतामुक्त रखें। उपयुक्त मात्रा में मेवे, दाल, दूध, सब्ज़ी और फल खाएं। रोज़ाना 10 मिनट सूर्योदय के समय धूप सेकें और दिन में कम से कम 20 मिनट उपयुक्त योगासन करें।

जननम कहे हां

  • दो-दो घंटे के अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा भोजन
  • भरपूर मात्रा में पानी का सेवन
  • शिशु और स्वयं की सफाई का ध्यान

जननम कहे ना

  • एक साथ बहुत सारा भोजन
  • बाहरी खाद्य पदार्थों का सेवन
  • गीले तौलिये का प्रयोग

SUMMARY : Monsoon season brings many diseases like viral infection, cold, cough, malaria, dengue etc. It is very important for breastfeeding mothers to protect themselves and their infants from the negative elements of monsoon season. For this, follow the precautions given in Ayurveda about diet and lifestyle changes.

सारांश : मानसून का मौसम वायरल संक्रमण, सर्दी, खांसी, मलेरिया, डेंगू आदि जैसी कई बीमारियां लाता है। स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि वे अपने और अपने शिशुओं को इस बरसाती मौसम के नकारात्मक प्रभावों से बचाएं। इसके लिए खान-पान और रहन-सहन में ज़रूरी बदलावों के बारे में आयुर्वेद में बताई गई सावधानियों का पालन करें।

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