स्तनपान के इन 5 मिथकों से सावधान रहिए

स्तनपान के बारे में कई मिथक प्रचलित हैं। कुछ बातों को सदियों से प्रचारित किया जा रहा है। कुछ बातों में थोड़ी-बहुत सच्चाई है, मगर अधिकतर बातें आधारहीन हैं। कई बार सही जानकारी न होना, समस्याओं का कारण बनता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि कुछ प्रचलित मिथकों के बारे में बात की जाय, ताकि आप तक सही जानकारी पहुंचे।

जननम ऐसे ही स्तनपान के 5 मिथकों से पर्दा हटा रहा है

मिथक # 1: यदि आपके स्तन छोटे हैं, तो आप अपने बच्चे को पर्याप्त दूध नहीं पिला पाएंगे

इस मिथक में कोई सच्चाई नहीं है। दूध पिलाने के लिए स्तनों का आकार महत्वपूर्ण नहीं है। गर्भावस्था के दौरान दूध नलिकाएं विकसित होती हैं और बच्चे के जन्म के पश्चात ये अपने आप सक्रिय होती हैं। एक बार जब बच्चा दोध पीना शुरू करता है, तब यह पूर्णतया विकसित होती हैं। इसलिए दूध नलिकाओं का विकसित होना आवश्यक है, न कि स्तनों का।

मिथक # 2: स्तनपान कराने के दौरान आपको केवल सादा आहार लेना चाहिए

यह मिथक सही नहीं है। हालाँकि, 'डिलीवरी के बाद क्या खाना चाहिए' एक बहुत आवश्यक विषय है, मगर इसका यह अर्थ नहीं कि आपको सिर्फ सादे या पीसे हुए खाने की जरुरत है। यह भी जरुरी नहीं कि यदि आपको गोभी या ब्रोकोली खाने से गैस हो रही है तो बच्चे के साथ भी ऐसा हो।

कई महिलाएं मसालेदार या तीखा भोजन खाती हैं, मगर इसकी वजह से शिशु दूध पीना बंद नहीं करता। बल्कि, कई बार तो ऐसा देखा गया है कि माँ के कुछ अच्छा खाने के बाद शिशु को दूध पीना पसंद आया है।

गर्भावस्था के बाद एक डाइट चार्ट का पालन करना बेहतर है। यदि किसी आहार के बाद आपके बच्चे ने स्तनपान से इनकार किया है, तो इसका ट्रेंड देखें। यदि यह बार-बार होता है तो ऐसे आहार से परहेज करना बेहतर है।

मिथक # 3: हर दो घंटे में स्तनपान कराना जरुरी है

यह बात हमेशा सही नहीं है। जब बच्चा पैदा होता है तो शुरूआती कुछ महीनों में ऐसा करना सही है। मगर धीरे-धीरे भूख लगने पर स्तनपान कराना सही है। शिशु के भूख का पैटर्न अपने मात-पिता से अलग होता है, इसलिए जरुरी नहीं कि जब आपको भूख लगे तभी आपका शिशु भी दूध पिए। इसलिए बच्चे पर ध्यान देना अधिक आवश्यक है, ना कि घड़ी पर।

मिथक # 4: यदि आप अपने बच्चे की बोतलबंद दूध देते हैं, तो वह स्तनपान नहीं करेगा

सच्चाई यह है कि अधिकांश बच्चे बिना किसी समस्या के स्तनपान और बोतलबंद दूध के बीच बदली कर लेते हैं। हालाँकि एक बच्चे को बोतल की आदत लगाने के पहले कम से कम छह हफ़्तों तक स्तनपान का अभ्यास कराना चाहिए। एक बार जब बच्चे को स्तनपान का अभ्यस्त हो जाता है तो उसके लिए दोनों विकल्प खुल जाते हैं।मिथक #

5: स्तनपान के कारण आपके स्तन बड़े और ढीले हो जाते हैं।

यह मिथक भी सही नहीं है गर्भावस्था के दौरान वजन के साथ स्तनों का आकार बढ़ना प्राकृतिक है। दूध नलिकाओं के कारण स्तन अपेक्षाकृत थोड़े बड़े ज़रूर हो जाते हैं, मगर यह समय के साथ अपने आप कम भी हो जाते हैं। स्तनपान के कारण आपके शरीर का आकार खराब नहीं होता। बल्कि, स्तनपान के कारण गर्भावस्था के दौरान बढ़ा अतिरिक्त वजन जल्दी कम होने लगता हजननम की सलाह

  • किसी भी मिथक पर भरोसा करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श लें
  • किसी भी जानकारी के भरोसेमंद होने की जांच करें
  • यदि स्तनपान में कोई समस्या हो, तो डॉक्टर की सलाह लें
  • हर किसी की सलाह ना मानें
  • डॉक्टर की सलाह के बिना स्तनपान बंद ना करें

सारांश : प्रसव के बाद स्तनपान के बारे में कई मिथक प्रचलित हैं। हालांकि, जननम तथ्यों की जांच किए बिना किसी भी जानकारी पर भरोसा के खिलाफ दृढ़ता से सलाह देता है। हमने यहां कुछ मिथक सूचीबद्ध किए हैं, और आशा है कि आप ऐसी झूठी मान्यताओं से दूर रहेंगे।

Summary: There are many myths about breastfeeding after delivery. However, Jananam strongly advises against relying on any information without examining the facts. We have listed some myths here, and hope you will stay away from such false beliefs.

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