इन सुरक्षित तरीकों से करें अपने शिशुओं के मुंह की सफ़ाई

बच्चों के सारे अंग बेहद कोमल होते हैं। उनकी सफाई करते समय बहुत अधिक सावधानी बरतने की ज़रूरत होती है। नवजात शिशु दिन में कई बार दूध पीते हैं यानी स्तनपान करते हैं, जिससे उनकी जीभ और मसूड़े पर दूध जम जाता है दूध उनकी जीभ पर जमता है तो मुंह से बदबू भी आ सकती है। ऐसे में शिशु के मुंह की साफ़ सफा बहुत ज़रूरी हो जाती है।


जीभ की सफ़ाई कैसे करें?


शिशु की जीभ पर दूध की परत जमती है, तो एक कटोरी में थोड़ा-सा पानी गुनगुना कर लें, उसमें साफ़ कॉटन का कपड़ा डुबोएं।


इस कपड़े को अपनी एक उंगली में लपेटकर हल्के हाथ से बच्चे के मसूड़े और जीभ पर फेरें।


शिशु 6 महीने से बड़ा है तो पानी में हल्का नमक भी मिला सकती हैं। भूलकर भी टूथपेस्ट का इस्तेमाल ना करें।

इन सुरक्षित तरीकों से करें अपने शिशुओं के मुंह की सफ़ाई

मसूड़ों और दांतों की सफ़ाई कैसे करें?


शिशु के जब दांत निकलने लगें तो उनका ख़ास ख्याल रखना होता है, क्योंकि दांतों में उन्हें अक्सर खुजलाहट होती है और वह किसी भी चीज़ को मुंह में डालने लगते हैं। उनके मसूड़ों की सफ़ाई ऐसे करें-


  • हाथ साफ़ करके शिशु के मसूड़ों पर देसी घी से मसाज करें।
  • अगर घर में शुद्ध शहद है तो उसे शिशु के मसूड़ों पर लगाएं।
  • 6 महीने से बड़े शिशु को फल उबाल कर खिला सकती हैं।


अगर दांत आने शुरू हो गये हैं तो इन्हें साफ़ करने के लिए आप ये तरीके अपना सकती हैं-


  • गुनगुने पानी में कॉटन कपड़े को भिगाकर नए निकले दांतों को साफ़ किया जा सकता है।
  • चाहें तो अच्छी क्वालिटी के ब्रश को गुनगुने पानी में डालकर, उसमें थोड़ा-सा नमक मिलाकर भी दांतों को साफ़ कर सकती हैं।


इन सुरक्षित तरीकों से करें अपने शिशुओं के मुंह की सफ़ाई

दांत निकलना आसान बनाने के लिए क्या करें?


अगर बच्चे के दांत निकल रहे हैं तो दांत निकलने में आसानी के लिए


  • पानी में धनिया के कुछ बीज, अदरक पाउडर और सूखे अनार को उबालें। फिर इसे छानें और हर रोज़ बच्चे को एक-एक चम्मच 3-4 बार पिलाएं।
  • कुछ आयुर्वेदिक दवाएं भी दी जा सकती हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह से। अरविंदासव और दशमूलारिष्ट आदि कुछ ऐसी ही दवाएं हैं।


इन सुरक्षित तरीकों से करें अपने शिशुओं के मुंह की सफ़ाई

शिशु की आवाज़ साफ़ करने के लिए क्या करें?


आम तौर पर छोटे बच्चे धीरे-धीरे तुतलाहट के साथ बोलना शुरू करते हैं। 3-4 साल तक बच्चों की जुबान ऐसी ही रहती है, लेकिन कभी-कभी बड़े होने पर भी यह समस्या रहती है।


आयुर्वेद में बच्चे को साफ़ और स्पष्ट उच्चारण निकालने के लिए कुछ ऐसे घरेलू उपाय बताए गए हैं, जिन्हें आसानी से किया जा सकता है। इन उपायों के साथ शिशु की देखभाल करने से उनकी जुबान और आवाज़ साफ़ होती है।


  • बच्चे के सिर पर ब्राह्मी तेल की मालिश करने के बाद उसे नहला दें। इस आयुर्वेदिक तरीके के मुताबिक बच्चे की जुबान साफ रहती है।
  • मिश्री खिलाना भी असरदार माना जाता है।
  • शहद में सारस्वत चूर्ण मिलाकर बच्चे को देना लाभकारी माना जाता है।
  • गाय का घी बच्चे को खिलाना फ़ायदेमंद माना जाता है।
  • सूखे आंवले का पाउडर देसी घी में मिलाकर देने से भी बच्चे का उच्चारण साफ़ रहेगा।


इन सुरक्षित तरीकों से करें अपने शिशुओं के मुंह की सफ़ाई

जननम कहे हां



  • आयुर्वेदिक उत्पाद
  • गाय का घी
  • शुद्ध शहद

 

जननम कहे ना



  • टूथपेस्ट
  • टूथब्रश


सारांश

बच्चे का मुंह काफी संवेदनशील होता है। ख़ासकर जब बच्चे के दांत निकल रहे हों, तो उसके मसूड़ों को सावधानी से साफ़ करने की ज़रूरत होती है। इसे साफ़ करने के लिए आयुर्वेद में कुछ प्राकृतिक तरीके और घरेलू उपचार बताए गए हैं। छोटे बच्चों के लिए टूथपेस्ट और टूथब्रश का उपयोग करने का सुझाव नहीं दिया जाता है।


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